
रिपोर्टर: अमित दीक्षित
पुवायां (शाहजहाँपुर): केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी-2026 बिल के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को ‘हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ)’ के कार्यकर्ताओं ने इस बिल को हिंदू समाज को बांटने वाला बताते हुए पुवायां के राजीव चौक पर प्रदर्शन किया।
संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए सार्वजनिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और पैदल मार्च निकालते हुए तहसील मुख्यालय में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
बिल से बढ़ेगा जातीय संघर्ष: अवनीश मिश्र
प्रदेश अध्यक्ष अवनीश मिश्र और प्रदेश संगठन मंत्री कमल दीक्षित के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने बिल की खामियों पर तीखा प्रहार किया। संगठन का तर्क है कि:
यह बिल हिंदू समाज के भीतर आंतरिक विभाजन पैदा करेगा।
विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच जातीय संघर्ष की संभावनाएं बढ़ेंगी।
शैक्षणिक माहौल खराब होगा और विद्यार्थी शिक्षा के बजाय जात-पात की राजनीति का शिकार होंगे।
तहसील मुख्यालय पर सौंपा ज्ञापन
राजीव चौक पर प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं का हुजूम पैदल मार्च करते हुए तहसील पहुंचा। वहां नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि इस विवादित बिल को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस दौरान भारी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
साहिल गर्ग (प्रदेश कोषाध्यक्ष)
प्रखर मिश्रा (पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष)
शोभित जोशी (तहसील प्रभारी)
अजय द्विवेदी (तहसील अध्यक्ष)
साथ ही वैभव यादव, आनंद पांडे, भारत राठौर, राघव श्रीवास्तव और रमन मिश्र एडवोकेट सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नोट: प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।