

दौसा। (दीपक शर्मा बामनवास) भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा के प्रदेश मंत्री पिंकेश पोरवाल एवं दौसा जिला प्रभारी सोमकांत शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला उपस्थिति रही।।
पिंकेश पोरवाल ने कहा मनरेगा का नाम वीबी जीरामजी विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) को लेकर कांग्रेस जनता को गुमराह करके भ्रम फैला रही है। कांग्रेस शासन काल में मनरेगा में भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और बेकार के कामों का पर्याय बन गया था। अब विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025 यानी % वीबी-जी राम जी% से ग्रामीण रोजगार की तस्वीर बदलेगी। नए कानून में सालाना रोजगार की गारंटी 100 से बढाकर 125 दिन कर दी गई है और गांव में ठोस व टिकाऊ काम होंगे। मनरेगा बंद नहीं हुआ है, इसका नाम बदलकर विबी जीरामजी रखा गया है कांग्रेस को राम जी के नाम से ही करंट लगता है।अब गांव में ईमानदारी से काम होगे तालाब बनेंगे, नालिया बनेगी, वेयर हाउस का निर्माण होगा स्कूल एवं नर्सिंग होम बनेंगे लगभग 1000 करोड़ का बजट जिसको ग्राम चौपाल के माध्यम से खर्च किया जाएगा। कानून ग्रामीण रोजगार नीति को विकसित भारत के रोडमैप से जोड़ेगा कांग्रेस ने मनरेगा में बहुत भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाड़ा किया है। डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओ की जांच पड़ताल की कोई व्यवस्था नहीं थी। अब नए कानून में जियो टैगिग, सैटलाइट इमेजरी, मोबाइल एप और एआई से निगरानी होगी। भाजपा की भजनलाल सरकार ने 2 वर्ष में हर क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास के काम किए हैं।
जिला प्रभारी सोमकांत शर्मा ने कहा यू.पी.ए के समय की MGNREGA भ्रष्टाचार, कुशासन, खराब संपत्ति सृजन एवं न्यूनतम दीर्घकालिक प्रभाव से ग्रसित था। इन संरचनात्मक विफलताओं को पहचानते हुए, एन.डी.ए. सरकार ने MGNREGA की जगह ग्रामीण रोजगार को नई परिभाषा देते हुए VB-G RAM G अधिनियम, 2025 लागू किया है।
इसी सोच के तहत विकसित भारत – G RAM G अधिनियम, 2025, ग्रामीण आत्मनिर्भरता, रोजगार और आजीविका को मजबूत करते हुए हर गरीब को सम्मान के साथ रोजगार देता है।नई योजना में, रोजगार गारंटी 100 से 125 दिन हुई: समय पर मजदूरी मिलेगी। वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार इस कानून के माध्यम से रोजगार को केवल अस्थायी काम तक सीमित न रखकर स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भर गांवों से जोड़ा गया है बीवी–जीरामजी में उन्नत रोजगार की कानूनी गारंटी, नए ग्रामीण विकास की रूपरेखा, मुख्य कृषि सीजन के दौरान कृषि श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सशक्त योजना समागम एवं समग्र सरकारी ढांचा, सार्वजनिक कार्यों का विषयगत प्राथमिकता निर्धारण,जल सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़के, स्कूल,स्वच्छता, आवास निर्माण, जल स्रोतों का संरक्षण, सिंचाई और नवीनीकरण, बाजार, भंडारण, मत्स्य पालन, पशुधन संपत्तियों, कौशल विकास केंद्र, आश्रय स्थल, तटबंध, बाड़ और वन,अग्नि प्रबंधन, आधुनिक तकनीकी रूप से सक्षम बायोमेट्रिक सत्यापन, मोबाइल-आधारित मॉनिटरिंग, विशेष तकनीकी प्लानिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड और AI-आधारित एनालिटिक्स का उपयोग,साप्ताहिक पंचायत स्तर पर कार्य प्रगति का अनिवार्य भौतिक और डिजिटल मॉनिटरिंग प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए वर्ष में दो बार सोशल ऑडिट्स आयोजित की जाएगी, समग्र सरकारी समीक्षा प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय संचालन समितियाँ का गठन किया जाएगा।
कांग्रेस का परिवार भाव बनाम एन.डी.ए का सेवा भाव कांग्रेस/यू.पी.ए. ए. शासन में सरकारी योजनाओं और लगभग 600 संस्थानों का नाम परिवार-केंद्रित रखा गया, जैसे इंदिरा आवास योजना, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण और राजीव गांधी खेल रत्न। जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी, सरदार वल्लभ भाई पटेल जी और लाल बहादुर शास्त्री जी को कम प्राथमिकता दी गई कल्याण मार्ग
इसके विपरीत, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एन.डी.ए. सरकार ने सरकारी स्थान और मागों का नामकरण सेवा और जनता-केंद्रित किया। राजभवन को लोकभवन, राजपथ को कर्तव्य पथ, रेसकोर्स रोड को लोक और प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ नाम देकर यह संदेश दिया गया कि शासन का मूल उद्देश्य राष्ट्र और जनकल्याण है, न कि किसी एक परिवार या व्यक्ति का हित साधना है।
जिला मीडिया प्रभारी प्रेम हरितवाल ने बताया इस अवसर पर जिला संयोजक हरकेश मटलाना, सहसंयोजक अभिषेक शर्मा, विजय बैरवा, जिला महामंत्री विपिन जैन, मंजू लता जाटव, सरोज मीणा, सोमेश विजय, राजेश तिवारी, हरिओम हरसाना, राजेंद्र छीपा, किशोरी लाल बेरवा सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।