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19 जनवरी शाम 5 बजे जल यात्रा 20 जनवरी दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशाल भंडारा

श्री कष्टभंजन बालाजी धाम दाहोद पाटोत्सव.. श्री कष्टभंजन बालाजी धाम दाहोद में भक्तों के कष्ट दूर होंगे.. संत उत्तम स्वामी



रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। खंडवा बड़ौदा स्टेट हाईवे गणपुर चौकड़ी से 5 किलोमीटर दूर ग्राम दोद में स्थित आस्था और विश्वास के केंद्र स्थानीय कष्टभंजन देव मंदिर में आयोजित प्रथम पाटोत्सव ने समूचे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है।

कार्यक्रम 14 जनवरी से प्रारंभ होकर 20 जनवरी तक चलेगा। 19 जनवरी को समय शाम 5:30 बजे से जल यात्रा प्रारंभ होगी। 20 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 3 तक विशाल भंडारा आयोजित किया गया है।

महोत्सव के दौरान आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं का का उत्साह देखते ही बन रहा है। पाटोत्सव के विशेष आकर्षण के रूप में प्रतिदिन शाम 7 बजे से स्वामीनारायण भगवान के दिव्य प्रसंगों पर आधारित कथा शांतिप्रियदास महाराज के मुखारबिंद से प्रवाहित हो रही है। जिसका लाभ लेने के लिए दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से भक्तगण पहुँच रहे हैं।



इस अवसर पर संत श्री उत्तम स्वामी जी व संत श्री विवेक जी बालाजी धाम पहुंचे। कष्टभंजन धाम में संत श्री उत्तम स्वामी महाराज का आगमन हुआ। उनके आगमन से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। महाराज ने कष्टभंजन देव के चरणों में वंदन कर क्षेत्र की खुशहाली और लोक कल्याण की मंगल कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर के शांतिप्रियदास महाराज के आध्यात्मिक चर्चा की साथ और मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की। आध्यात्मिक शांति का केंद्र बना दरबार संत उत्तम स्वामी ने कहा कि, “कष्टभंजन देव का यह दरबार दिव्य ऊर्जा से परिपूर्ण है। यहाँ आकर जो शांति मिलती है, वह शब्दों में परे है।” उन्होंने आगे कहा कि पाटोत्सव जैसे आयोजन हमारी भावी पीढ़ी को संस्कारों और अपनी गौरवशाली संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

मंदिर समिति द्वारा आयोजित इस महोत्सव में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद नजर आ रही हैं। संत श्री विवेक जी कष्टभंजन बालाजी की 41 फीट मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में पहुंचे यहां पर मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में भाग लेकर संत श्री शांतिप्रिय दास जी व विवेक जी देवपथ लिंग बोधवाड़ा पहुंचे जहां पर देवपथ लिंग के दर्शन व पूजा अर्चना की। हनुमान जी की 41 फीट ध्यान मुद्रा में प्रतिमा स्थापित की गई। कथा के समापन पर प्रतिदिन होने वाली महाआरती में सम्मिलित भक्तों की आस्था देखते ही बनती है।

आरती के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है। भक्ति, सत्संग और सेवा के इस त्रिवेणी संगम ने क्षेत्र को काशी के रूप में परिवर्तित कर दिया है। 17 जनवरी को हनुमान जी की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया गया। कष्टभंजन देव मंदिर परिसर में कार्यक्रम के चौथे दिन स्थापित हनुमान जी की विशाल प्रतिमा का अनावरण हुआ। उक्त प्रतिमा में अध्यात्म, ओर ध्यान का अनूठा संगम सम्मिलित है प्रतिमा के साथ साथ ध्यान की विभिन्न मुद्राएं भी स्थापित की प्रतिमा आकर्षण का विशेष केंद्र है मंदिर से दो किलोमीटर दूरी तक उक्त प्रतिमा दिखाई पड़ती है यह प्रतिमा क्षेत्र में अपने तरह की पहली प्रतिमा है।

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