
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक निःशुल्क उपचार योजना पर प्रशिक्षण आयोजित
पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से “गोल्डन आवर” में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने पर जोर
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
दिनांक 30 अप्रैल 2026 को एनआईसी हॉल, कलेक्ट्रेट पांढुर्णा में पुलिस विभाग (यातायात) द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान केंद्र शासन की पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, पात्रता एवं आवश्यक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताया गया कि योजना का लाभ तभी प्रभावी रूप से मिल सकता है, जब दुर्घटना के तुरंत बाद त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय, सूचना का आदान-प्रदान एवं तत्काल प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया गया, जिससे वे दुर्घटना की स्थिति में बिना विलंब आवश्यक कदम उठा सकें। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक संबंधित अधिकारी अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाते हुए घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, डी आर एम श्री सुधीर ठाकरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी, एसडीओपी श्री भार्गव, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का सहित स्वास्थ्य विभाग के ऑपरेटर्स एवं जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रशिक्षण का मुख्य फोकस “गोल्डन आवर” के महत्व पर रहा, जिसके अंतर्गत दुर्घटना के बाद प्रारंभिक एक घंटे के भीतर उपचार मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अधिकारियों द्वारा निर्देशित किया गया कि किसी भी सड़क दुर्घटना की स्थिति में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग तत्काल समन्वय स्थापित कर घायल को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराएं, ताकि योजना के तहत अधिकतम लाभसुनिश्चित हो सके। यह पहल सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के साथ-साथ जन-जीवन की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है, जिससे आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उपचार की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।