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हमीरपुर: जनगणना-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, हमीरपुर में प्रगणक-पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण शुरू

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट

हमीरपुर। भारत की आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। यह प्रशिक्षण 20 अप्रैल 2026 से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ जिला जनगणना अधिकारी रोहित कुमार द्वारा तहसील एवं नगर पालिका परिषद हमीरपुर में किया गया।

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जनपद में लगभग 40 फील्ड ट्रेनरों के माध्यम से सभी तहसीलों, नगर निकायों एवं चयनित विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण और अनुश्रवण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस दौरान जिला प्रभारी मेवा लाल एवं मास्टर ट्रेनर जयदत्त शर्मा द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों का निरीक्षण कर फील्ड ट्रेनरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही जनगणना से जुड़ी आवश्यक एवं व्यवहारिक जानकारी भी प्रदान की जा रही है।

प्रशिक्षण में प्रगणकों को डिजिटल डेटा संकलन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके तहत प्रगणक अपने मोबाइल फोन (BYOD प्रणाली) के जरिए HLO ऐप का उपयोग कर घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। साथ ही नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) के माध्यम से वेब पोर्टल पर स्वयं जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है, जिसका सत्यापन प्रगणकों द्वारा किया जाएगा।

स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई से 21 मई 2026 तक चलेगी, जबकि इसके बाद प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक संपन्न कराया जाएगा।

डेटा की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई है, जिसमें नियमित निरीक्षण, पूर्वावलोकन और आवश्यकतानुसार पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शामिल है। प्रशिक्षण में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) का सीमांकन, भवनों की पहचान, लेआउट मैप तैयार करना, डेटा संकलन, सिंक्रोनाइजेशन एवं अंतिम प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास कराया जा रहा है।

इसके अलावा प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने आवंटित क्षेत्रों में प्रत्येक भवन, परिवार एवं आवास का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करें और डेटा को नियमित रूप से ऐप के माध्यम से अपडेट करते रहें।

प्रशिक्षण के दौरान मानदेय एवं प्रशिक्षण भत्ते की जानकारी भी दी गई। प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान ₹400 प्रतिदिन तथा दोनों चरणों के लिए कुल ₹25,000 मानदेय (प्रथम चरण ₹9,000 एवं द्वितीय चरण ₹16,000) देने का प्रावधान है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिससे कार्य में पारदर्शिता, गति और सटीकता सुनिश्चित हो सके। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना कार्य को प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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