

दौसा। (दीपक शर्मा बामनवास) जिला मीडिया प्रभारी प्रेम हरितवाल ने अमरीकी टैरिफ वार और उसके द्वारा अपनाई जा रही स्वघोषित तानाशाही प्रवृत्तियों के संदर्भ में भारत की आंतरिक एकता और राष्ट्रीय मजबूती पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में देश के नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी की सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े रहना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश, काल और परिस्थितियों के मद्देनजर हमें समसामयिक चुनौतियों की विशिष्टताओं को समझते हुए अपने कदम तय करने होंगे। अब केवल बयानबाजी या भावनात्मक प्रतिक्रियाएं किसी भी राष्ट्र को सशक्त नहीं बनातीं। वास्तविक शक्ति वही होती है जो संकट की घड़ी में ठोस निर्णयों, अनुशासित कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय हित में उठाए गए व्यावहारिक कदमों से सामने आती है। हमारी असली परीक्षा अनुशासन, साहस और हमारे कार्यों से होती है, न कि शब्दों से।
आज न केवल पूरा विश्व, बल्कि स्वयं अमरीका भी गंभीर संकटों में फंसता जा रहा है। वहां आंतरिक उथल-पुथल, अनिश्चितता और अस्थिरता बढ़ रही है। वैश्विक व्यवस्था की पारंपरिक नैतिकताएं और मर्यादाएं कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। ऐसे में पूरी दुनिया स्तब्ध है और हर देश अपनी सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और संप्रभुता को लेकर नई चुनौतियों से जूझ रहा है।इस प्रकार की विषम परिस्थितियों में किसी भी राष्ट्र को परिस्थिति के अनुरूप विवेकपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाने होते हैं।अब प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में भारत सरकार इन चुनौतियों का सामना पूरी मजबूती और सूझ-बूझ के साथ कर रही है तथा देश की संप्रभुता, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत पिछले 11 वर्षों में वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकी आधारों पर तीव्र गति से आगे बढ़ा है। आज भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था में एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। यह प्रगति, आत्मविश्वास और वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका कुछ शक्तियों को असहज करती है। ऐसे में भारत की बढ़ती सामथ्य के प्रति कुछ प्रतिक्रियाएं आना स्वाभाविक है, लेकिन इन सबका सामना हमें संयम, रणनीति और राष्ट्रीय हित की दृष्टि से करना होगा।
