A2Z सभी खबर सभी जिले की

डीएम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय उर्वरक आवंटन समिति की बैठक आयोजित

अलीगढ़ न्यूज

खतौनी के अनुसार निर्धारित मूल्य पर कृषक को उर्वरक किया जाए विक्रय: पीओएस मशीन की दें पर्ची

किसान बन्धु कृषि विभाग द्वारा संस्तुत मात्रा के अनुसार की उर्वरकों का करें उपयोग

अलीगढ़ 22 सितम्बर 2025 जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में जिलास्तरीय उर्वरक आवंटन समिति की बैठक का आयोजन किया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सहकारी समितियों निरन्तर उर्वरकों की आपूर्ति बनाये रखना सुनिश्चित करें। जिला प्रबन्धक को निर्देशित किया कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता द्वारा समिति के भुगतान उपरान्त डीएपी एवं एनपीके उर्वरक की प्रथम वरीयता के आधार पर आपूर्ति करना सुनिश्चित करें।

Related Articles

बैठक में कृषक प्रमोद कुमार वर्मा ने बताया कि समितियों से लगे ग्रामों की भू-लेख का अंकन करते हुये सम्बन्धित समिति को उसी के आधार पर उर्वरको का वितरण किया जाये। जिलाधिकारी ने एफपीओ, उर्वरक कम्पनी प्रतिनिधि एवं जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि कृषको के द्वारा फास्फेटिक उर्वरक वैज्ञानिक संस्तुति मात्रा से अधिक मात्रा में प्रयोग किया जा रहा है जोकि सरकार को आर्थिक नुकसान व जनमानस के स्वास्थ पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। एफपीओ सदस्यों ने बताया गया कृषक गत वर्ष की अपेक्षा फॉस्फेटिक उर्वरक का कम प्रयोग कर रहें है। जिलाधिकारी ने थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि आलू बोआई को दृष्टिगत रखते हुये विकास खण्डों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरकों की आपूर्ति कृषको की मॉग के अनुसार निर्धारित मूल्य पर बिना किसी लगेज के उर्वरक विक्रय करना भी सुनिश्चित कराएं। प्रत्येक उर्वरक विक्रेता यह सुनिश्चित करें कि फर्म में उपलब्ध उर्वरक का प्रदर्शन अपनी फर्म के सामने रखकर करेंगे जिससे कि कृषको को जानकारी हो सके कि उक्त दुकान पर उर्वरक उपलब्ध है, ऐसा न करने पर जिस फुटकर उर्वरक विक्रेता के द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन नही किया जाता है तो उस फुटकर उर्वरक विक्रेता की आपूर्ति व बिक्री प्रतिबन्धित करते हुये विधिक कार्यवाही की जायेगी। प्रत्येक फुटकर उर्वरक विक्रेता कृषक की खतौनी देखकर व मोबाइल नम्बर बिक्री रजिस्टर में अंकित करते हुये कृषक को उर्वरक विक्रय करना सुनिश्चित करें और कृषकों को निर्धारित मूल्य पर बिना किसी लगेज के उर्वरक विक्रय करना भी सुनिश्चित करें साथ ही पीओएस मशीन से निकले वाली पर्ची कृषको को अवश्य उपलब्ध कराएं।

 डीएम ने कृषको से अपील करते हुए कहा कि फॉस्फेटिक एवं पोटेशिक उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं विभाग की फसल संस्तुतियों के आधार पर रबी फसलों में उर्वरकों का संस्तुत मात्रा में प्रयोग करें।  आलू में प्रति हैक्टेयर एनपीके 12ः32ः16 के 5 बैग, यूरिया 8 बैग, एमओपी 2 बैग या डीएपी 18ः46 के 4 बैग, यूरिया 7 बैग, एमओपी 4 बैग, गेहूॅ में एनपीके 12ः32ः16 के 4 बैग, यूरिया 6 बैग, एमओपी 1 बैग या डीएपी 18ः46 के 3 बैग, यूरिया 6 बैग, एम0ओ0पी0 2 बैग का उपयोग करें जिससे लागत भी कम आये और पैदावार भी ठीक हो साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहें। उन्होंने सरसों फसल की बुआई के लिए एनपीकेएस उर्वरक के प्रयोग करने की अपील की गयी। अन्त में उन्होंने द्वारा समस्त थोक उर्वरक विक्रेता, सहकारी समितियों के अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला प्रबन्धक पीसीएफ को निर्देशित किया गया कि कृषको की खतौनी देखकर बिना किसी भेद-भाव के उर्वरक वितरण करना सुनिश्चित करें, यदि कृषको के द्वारा कोई शिकायत प्राप्त होती है तो सम्बन्धित बिक्रेता के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबन्धित अधिकारी एवं उर्वरक विक्रेता व आपूर्ति कर्ता प्रदाय सस्था की होगी।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!