

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर – उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से इस वक्त एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है।जहां एक निजी नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। कानपुर जनपद के घाटपुर क्षेत्र के अजगरपुर गांव निवासी मलखान निषाद उम्र 65 वर्ष, पुत्र खंदा प्रसाद, को पेट में पथरी की शिकायत के चलते शनिवार को विमल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहीं परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन के नाम पर 60 हजार रुपये जमा कर लिए इसके बाद मरीज की जान नही बचा सके डॉक्टर। परिजनों के मुताबिक, भर्ती के उसी रात डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर दिया,लेकिन ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ती चली गई।डॉक्टरों ने परिजनों को सिर्फ इतना कहा कि इंफेक्शन हो गया है। और फिर गुरुवार रात करीब 9 बजे मरीज की अचानक मौत हो गई।सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इसी नर्सिंग होम में 9 जनवरी को भी पथरी के ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।मृतक मलखान निषाद किसान थे,उनके परिवार में 4 बेटे और 2 बेटियां हैं। सबसे बड़े बेटे विजय निषाद का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और गलत इलाज की वजह से उनके पिता की जान गई,लेकिन अब तक न तो कोई जवाबदेही तय हुई और न ही प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम उठाया गया। सवाल ये है कि क्या निजी नर्सिंग होम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं? क्या बार-बार मौतों के बाद भी ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई होगी? अब देखने वाली बात ये होगी कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक चुप्पी तोड़ता है।