
*“जब गृह राज्य मंत्री ने उठाया सिर पर कचरा, आलमशाह ने देखा सेवा का जीवंत रूप”*
*झाड़ू से लेकर ट्रॉली तक… मंत्री संग उठ खड़ा हुआ पूरा गांव*
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
कामां डीग, 18 सितंबर। गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म गुरुवार को नगर विधानसभा की ग्राम पंचायत आलमशाह व पालका में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में शामिल हुए। उल्लेखनीय हैं कि गृह राज्य मंत्री का आज आलमशाह ग्राम पंचायत मुख्यालय पर देखा गया अद्वितीय दृश्य ग्रामीणों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया। मंत्री ने खुद फावड़ा उठाया, गंदगी से भरे तसले को अपने सिर के ऊपर रखकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाला। यह क्षण केवल सफाई का नहीं था, बल्कि सेवा और संवेदना की ऐसी तस्वीर थी जिसमें नेतृत्व और जनसेवा का वास्तविक स्वरूप झलक रहा था। मंत्री को अपने बीच देखकर ग्रामीण भी भावुक हो उठे। हर हाथ में झाड़ू थी, हर चेहरे पर उत्साह था और हर दिल में यह विश्वास कि बदलाव तभी संभव है जब हम सब मिलकर जिम्मेदारी निभाएं। गृह राज्य मंत्री ने भावपूर्ण अपील करते हुए कहा, “गांव की गली-गली हमारी पहचान है। स्वच्छता केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनशैली होनी चाहिए। अगर हर नागरिक अपने घर, अपनी गली, अपने मोहल्ले को साफ रखे तो पूरा जिला उदाहरण बन जाएगा।” आज आलमशाह में सफाई अभियान नहीं, बल्कि जनजागरण हुआ। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि जब जनप्रतिनिधि और जनता साथ खड़े होते हैं तो बदलाव केवल सपना नहीं, बल्कि सच्चाई बन जाती है।
इससे पूर्व उन्होंने अपनी नगर विधानसभा क्षेत्र के आलमशाह और पालका ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में भाग लेकर जनसेवा को नई ऊर्जा दी। शिविर में पहुंचते ही उन्होंने ग्रामीणजनों के बीच पट्टों का वितरण किया और विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं का गहन अवलोकन किया। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि यह शिविर केवल योजनाओं के लाभ पहुंचाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि शासन और जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा पखवाड़े की शुरुआत से जोड़ते हुए इसे “समर्पण और सेवा का पर्व” बताया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “देश के विकास का हर कदम उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से जुड़ा है।” ग्रामीणों ने मंत्री की मौजूदगी को उत्सव के रूप में लिया। सेवाओं के बीच संवाद और समस्याओं के तुरंत समाधान ने शिविर को भरोसे और उम्मीद का मंच बना दिया। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक उत्तरदायित्व का प्रमाण रहा बल्कि उस विचारधारा का भी प्रतीक बना जिसमें शासन, सेवा और संवेदनशीलता एक साथ चलते हैं। इस दौरान श्री बेढ़म ने हरियालो राजस्थान अभियान 2025 के तहत वृक्षारोपण कर समाज में पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।