

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। मदरसे में चांद रात से चल रही तरावीह रविवार देररात को पांचवें दिन मुकम्मल हो गई। तरावीह पूरी होते कारी-ए-कुरआन को रोजेदारों ने माला फूल पहनाकर और गले मिलकर मुबारकबाद दी। नमाज के बाद मगफिरत और जहन्नुम से निजात की दुआ मांगी गई।
किंगरोड स्थित दारुल उलूम गुलशने रहमत मदरसे में रविवार देररात पांचवें दिन तरावीह नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ। कारी इजहार खान ने कुरान पाक सुनाया। इस दौरान कारी ने तकरीर की और कहा कि वह लोग खुशनसीब हैं, जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने के लिए मिला। यह सदका हमारे नबी का है, जिसकी वजह से अल्लाह का कलाम हमको नसीब होता है। कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह सुनना अलग सुन्नत है। उन्होंने कहा कि अल्लाह की खूब इबादत, जरूरतमंदों की जकात, फितरे से मदद की अपील की। लोगों ने कुरान सुनने-सुनाने वालों को इनामात से नवाजा। हाफिज अनस खान ने नात पढ़ी। कारी ने मुल्क में अमन चैन, सलामती, बीमारों को शिफा के लिए दुआ कराई। इस मौके पर हाफिज अनस खान, अरशद खान उर्फ हीरो, अनवर खान, शकील सिद्दीकी, अजहर खान, दानिश खान, अफसर खान, फैजान खान, शाहबाज खान, मुज़म्मिल मंसूरी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
