
वाराणसी से रिपोर्ट ,
श्याम सुन्दर जायसवाल ,
8795959310 ,
“आनंद कानन काशी ढूँढे,”
वाराणसी चौक थाना अंतर्गत राजा दरवाजा मार्ग स्थित हड़हा- “देवालय – श्री शंकुकणेश्वर महादेव जी “का रुद्राभिषेक का आयोजन संपन्न हुआ ,
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वाराणसी- मोटे महादेव जी मंदिर परिसर में ही शड्कुकणेश्वर महादेव जी की शिवलिंग स्थापित है, 22 अक्टूबर दिन बुधवार शाम 5:00 बजे रुद्राभिषेक संपन्न हुआ परम पवित्र अविमुक्तक्षेत्र काशी में, भगवान् शिव के अति प्रिय गण शङ्कुकर्ण ने अपने अपार तपोबल और परम भक्ति से प्रेरित होकर शङ्कुकर्णेश्वर नामक दिव्य लिङ्ग तथा शङ्कुकर्णतीर्थ की स्थापना किया।
यह तीर्थस्थान शिवभक्तों के लिए मोक्षप्रद, पापनाशक और सर्वसिद्धिदायक माना जाता है। श्रद्धा और भक्ति से युक्त पुरुष यदि इस पावन शङ्कुकर्णेश्वर लिङ्ग का दर्शन, पूजन, दीपदान या दान करता है, तो वह अपने समस्त पापों से मुक्त होकर पुनर्जन्म के बन्धन से निवृत्त हो जाता है।
जो भक्त यहाँ दीर्घकाल तक शिवसन्निधि में स्थित रहता है, वह नित्य आनंदस्वरूप शिव का साक्षात्कार करता है और अन्ततः शिवलोक की प्राप्ति करता है।
काशीखण्ड में वर्णित 73 वें दिव्य देवलिंग का वेदोक्त विधि से रुद्राभिषेक एवं सनातन तीर्थ-महिमा का जनजागरण श्रद्धा, भक्ति और वेद की स्वर-हरि-हर में लयबद्ध समर्पण,
रुद्राभिषेक आयोजन में सम्मानित समाज सेवक और सैकड़ो की संख्या मे क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे, मंदिर के परिसर मैं सभी श्रद्धालुओं भक्तों ने हर हर महादेव काशी विश्वनाथ गंगे हर हर महादेव माता पार्वती संग बोलते हुए दिखाई दिए,
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने पत्रकार को बात चित मैं बताया की
राजनीति नहीं- केवल धर्म नीति
कोई दल नहीं- केवल शिव भक्ति का बल
कोई प्रचार नहीं -केवल परमात्मा शिव की आराधना,
आनंद कानन काशी ढूँढे. की तरफ से हमेशा धार्मिक कार्य होता रहता है,हम लोगों को आज भी यह सौभाग्य प्राप्त हुआ, कि हम लोग इस रुद्राभिषेक में आए हुए हैं,
मंदिर परिसर में सभी शिव भक्तों श्रद्धालुओं के हर हर महादेव हर हर महादेव के जयकारे के जय घोष से मंदिर परिसर और मंदिर के आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया ,