

6 अक्टूबर को मनाई जायेगी शरद पूर्णिमा,
सनातन धर्म में पूर्णिमा के पर्व का विशेष महत्व
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा होती है।
आश्विन माह में शरद पूर्णिमा मनाई जाती है।
कामां – सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है। आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस पर्व को साधक अधिक उत्साह के साथ मनाते हैं। साथ ही शुभ मुहूर्त में गंगा स्नान और दान करते हैं। इसके बाद विधिपूर्वक विष्णु जी की उपासना करते हैं। मन्दिर विमल बिहारी क़े सेवाअधिकारी संजय लवानिया ने बताया कि धार्मिक मान्यतानुसार ऐसा करने से जीवन में शुभ फल मिलता है। साथ ही सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा कार्यों में आ रही रुकावट से छुटकारा मिलता है।
पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसलिए पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की रोशनी में खीर रखी जाती है। इसका सेवन करने से शांति प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा इस दिन दीपक जलाने से जीवन की सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इन्हीं सभी वजहों से शरद पूर्णिमा के पर्व को मनाया जाता है।
शरद पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है ॥