

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। ग्राम जाजमखेडी में प्राचीन काल का मंदिर है जहां भादवा माह में बाबा रामदेव मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर पर्व हर्षोल्लास से दस दिन तक मनाया जाएगा! इस अवसर पर बाबा रामदेव का मनमोहक श्रृंगार किया गया!

जन्मोत्सव से लेकर दशमी तक प्रतिदिन रात्रि में जम्मा जागरण होगा। महिलाओं द्वारा हरतालिका तीज का व्रत किया। हरतालिका तीज का व्रत का इतिहास माता पार्वती की कथा से जुड़ा है! जिन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। पौराणिक कथा के अनुसार उनके पिता भगवान विष्णुजी के साथ उसका विवाह करना चाहते थे, उनकी सहेलियों ने उनका हरण करके उन्हें जंगल में छिपा दिया जहाँ उन्होने शिवजी को पाने के लिए कठिन तप किया। इसीलिए हरतालिका शब्द का जन्म हुआ। इस दिन महिलाएं कठिन निराहार उपवास करती है। बिना अन्न जल के आराधना की जाती है। पार्थिव शिवलिंग का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। रात्रि 12 बजे आरती पश्चात फलहारी की जाती।

रात्रि मैं भजन संध्या, जम्मा जागरण ग्राम जाजमखेड़ी के महिला पुरुषों द्वारा किया गया। पर्व का समापन के आखरी दिन दसमी तिथि पर भव्य जुलुश निकला जाएगा। सिर्वी समाज द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया है। सिर्वी समाज अध्यक्ष नाथुलाल सोलंकी, रितेश सोलंकी, पुष्पलाल सोलंकी, अंकुश चोयल, जगदीश सोलंकी, बंशीलाल पंवार, विकास परिहार, पुजारी खेमाजी परिहार, आदि उपस्थित रहे! उक्त जानकारी अखिल भारतीय सिर्वी महासभा के तहसील मीडिया प्रभारी सोहन काग ने दी।