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आलीराजपुर:- जोबट विधानसभा कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने मध्यप्रदेश सरकार की नाकामियों को गिनाया

दीपक शर्मा की रिपोर्ट 

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में विधायक सेना पटेल ने प्रशासन-शासन को दिखाया हकीकत का आईना पानी, शिक्षा, सड़क, बिजली और आदिवासी जमीन के मुद्दों पर विधायक ने अधिकारियों के सामने रखी क्षेत्र की जमीनी हकीकत

आलीराजपुर/बरझर :- मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत क्लस्टर ग्राम पंचायत बरझर में आयोजित जनसुनवाई में जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रशासन और शासन के प्रतिनिधियों के सामने जमीनी हकीकत का आईना दिखाया। 10 पंचायतों के ग्रामीणों की मौजूदगी में विधायक ने पानी, शिक्षा, छात्रावास, सड़क, बिजली, सिंचाई और आदिवासी जमीन से जुड़े गंभीर मुद्दे मजबूती से उठाए। जनसुनवाई में कलेक्टर नीतू माथुर, इंदौर संभाग के आयुक्त, शासन के प्रतिनिधि, जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई केवल आवेदन लेने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि लोगों की समस्याओं का वास्तविक और समयबद्ध समाधान होना चाहिए।

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नल-जल योजना पर सवाल, गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

विधायक सेना पटेल ने पेयजल समस्या को सबसे गंभीर मुद्दों में शामिल करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना का अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। कई गांवों में आज भी ग्रामीणों को नालों और अन्य दूषित जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में नालों का पानी और अधिक दूषित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विधायक ने प्रशासन से गांव-गांव पेयजल व्यवस्था का सर्वे कराकर तत्काल सुधार की मांग की।

शिक्षा और छात्रावासों की बदहाली पर भी उठाए सवाल

विधायक ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्कूलों के परिणाम लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों में नियमानुसार वार्डन एवं आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा, भोजन और शिक्षा की गुणवत्ता का मुद्दा भी उठाया। विधायक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और गंभीर घटनाओं के मामलों में जिम्मेदारी तय कर समयबद्ध जांच एवं कार्रवाई होनी चाहिए।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर विधायक ने अधिकारियों को घेरा

क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और बारिश के दौरान सड़कें खराब हो रही हैं। विधायक ने कहा कि जनता के पैसों से बनने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। जहां भी अनियमितता या घटिया निर्माण मिले, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए और भुगतान की भी जांच हो।

सेजवाड़ा- आम्बुआ सड़क का काम शुरू कराने की मांगविधायक सेना पटेल ने लंबे समय से लंबित सेजवाड़ा-अंबुआ मार्ग का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं इंदौर संभाग के आयुक्त से सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की।उन्होंने कहा कि इस सड़क से क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और वे इस कार्य में प्रशासन को पूरा सहयोग करेंगी। बिजली और सिंचाई व्यवस्था पर भी रखी किसानों की परेशानीयो विधायक ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था का सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में बिजली की वास्तविक आवश्यकता का आकलन कर उसी के अनुसार व्यवस्था मजबूत की जाए। किसानों को रात में बिजली मिलने की समस्या उठाते हुए विधायक ने कहा कि खेती के समय किसानों को उचित समय पर बिजली उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि उन्हें सिंचाई के लिए रात के समय परेशानियों और जोखिम का सामना न करना पड़े। आदिवासी जमीन के मुद्दे पर प्रशासन से सीधे सवाल जनसुनवाई के दौरान विधायक सेना पटेल ने आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री विधानसभा में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि आदिवासियों की एक इंच जमीन भी नहीं छीनी जाएगी, तो फिर बार-बार जमीन अधिग्रहण से जुड़े प्रस्ताव और सहमति पत्र क्यों मांगे जा रहे हैं।विधायक ने कहा कि सरकार के स्पष्ट आश्वासन के बावजूद यदि सरपंचों पर जमीन संबंधी सहमति देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि जब मुख्यमंत्री सदन में जवाब दे चुके है तो बार-बार ऐसे प्रस्ताव क्यों मांगे जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बिना पूरी जानकारी और दस्तावेजों को समझे किसी भी जमीन संबंधी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर न करें।  विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज की जमीन उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है और उसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन सरपंचों पर बार-बार दबाव बनाना बंद करे। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि जमीन के मामलों में ग्रामीणों पर दबाव जारी रहा तो जल्द ही ग्रामीणों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा और कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा। “जनसुनवाई औपचारिकता नहीं, समाधान का माध्यम बने”। विधायक सेना पटेल ने कहा कि जनसुनवाई का मतलब केवल आवेदन लेना नहीं है। आवेदन के बाद उस समस्या का समाधान होना चाहिए और संबंधित व्यक्ति को कार्रवाई की जानकारी भी मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि पानी, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। सरकार और प्रशासन को कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला विकास सुनिश्चित करना होगा। बरझर की जनसुनवाई में विधायक सेना महेश पटेल ने एक-एक कर क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन और शासन के प्रतिनिधियों के सामने रखा। अधिकारियों की मौजूदगी में उठाए गए इन मुद्दों के माध्यम से उन्होंने जनता की आवाज को मजबूती से सामने रखते हुए शासन-प्रशासन को हकीकत का आईना दिखाया।

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