
पांढुर्ना में जनता की जीत: शहर के भीतर ही बनेगा कलेक्ट्रेट भवन, विधायक निलेश उइके ने जताया आभार
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्ना। जिले में लंबे समय से कलेक्ट्रेट भवन के स्थान को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। शहर की जनता के व्यापक विरोध और लगातार चले संघर्ष के बाद आखिरकार यह तय हो गया है कि कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण शहर के भीतर ही किया जाएगा। इस निर्णय को लेकर पांढुर्ना विधायक निलेश उइके ने जिले की समस्त जनता का हृदय की गहराइयों से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक उइके ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से जनता की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष द्वारा कलेक्ट्रेट भवन को शहर से बाहर ले जाने की योजना बनाई जा रही थी, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता। लेकिन जनता ने इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया और शासन-प्रशासन को अपनी मांग मानने पर मजबूर कर दिया।

विधायक उइके ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व सांसद नकुलनाथ को भी अवगत कराया गया था। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने जनता से एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया। परिणामस्वरूप, जिलेभर में ज्ञापन, आवेदन और विभिन्न चरणों में आंदोलन किए गए, जिनके माध्यम से प्रशासन को यह स्पष्ट किया गया कि कलेक्ट्रेट भवन शहर के बाहर बनने से आमजन को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक आंदोलन के दौरान पूर्व सांसद नकुलनाथ ने स्वयं कलेक्टर के समक्ष शहर के भीतर ही कलेक्ट्रेट भवन बनाए जाने की मांग रखी थी। जनता और कांग्रेस के सामूहिक प्रयासों के चलते अंततः प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार कर लिया।
सड़क से सदन तक गूंजी आवाज
विधायक उइके ने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक प्रभावी ढंग से उठाया। जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने है। अब थाना परिसर के भीतर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने इस निर्णय को पांढुर्ना जिले की जनता की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की ताकत और जनआवाज की प्रभावशीलता का प्रतीक है। अंत में उन्होंने समस्त नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत जनता की एकता और जागरूकता का परिणाम है।