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पांढुरना में 5 करोड़ के निर्माण कार्यों पर लगा भारी लापरवाही का आरोप*,*अरनव कंस्ट्रक्शन कंपनी की मनमानी* *घटिया निर्माण, शिकायतों की भरमार… नपा की चुप्पी और नोटिस की औपचारिकता पर उठे सवाल*

आखिर कौन बचा रहा है कंपनी को?

*पांढुरना में 5 करोड़ के निर्माण कार्यों पर लगा ग्रहण*,*अरनव कंस्ट्रक्शन कंपनी की मनमानी*
*घटिया निर्माण, शिकायतों की भरमार… नपा की चुप्पी और नोटिस की औपचारिकता पर उठे सवाल*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना। नगर पालिका परिषद पांढुरना में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से स्वीकृत लगभग 5 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में हैं। पुलिया, सड़क, नाली, पेवर ब्लॉक, सौंदर्यकरण और चंद्रभागा नदी किनारे बनाई जा रही रिटर्निंग वॉल सहित अधिकांश कार्यों में गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।


इन कार्यों का ठेका छिंदवाड़ा की अर्नव कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है, जिनके निर्माण कार्य शुरुआत से ही विवादों में रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर घटिया निर्माण जारी है।
सड़कों में कुछ ही समय में दरारें, निर्माण की मजबूती पर सवाल
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि कई सड़कों में निर्माण के कुछ समय बाद ही दरारें और उखड़ने की स्थिति बनने लगी है। निर्माण स्थलों पर सीमेंट-रेत-गिट्टी के अनुपात की जांच नहीं हो रही। वहीं आरोप है कि लागत बचाने के लिए लोहे की सरिया तय दूरी के बजाय अधिक अंतराल पर लगाई जा रही है, जिससे निर्माण की मजबूती प्रभावित हो रही है।


*चंद्रभागा नदी किनारे रिटर्निंग वॉल पर बड़ा खतरा*
गणेश वार्ड और संत रविदास वार्ड क्षेत्र में चंद्रभागा नदी किनारे बनाई जा रही रिटर्निंग वॉल को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। वार्डवासियों का कहना है कि यदि बारिश में नदी में बाढ़ आई तो घटिया निर्माण के चलते दीवार ढहने और बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नागरिकों ने मांग की है कि रिटर्निंग वॉल की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और निर्माण की गुणवत्ता का सत्यापन हो।
*पहले भी सामने आ चुकी है बड़ी खामी*
संत रविदास वार्ड में पहले भी शिकायत सामने आई थी कि रिटर्निंग वॉल नदी किनारे के बजाय बीच धारा में बनाई जा रही थी। उस समय नगर पालिका ने ठेकेदार को नोटिस देकर मामला शांत कर दिया, लेकिन बाद में वही निर्माण जस का तस पूरा कर दिया गया।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार के बीच मिलीभगत के चलते गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है?


*30 वार्डों में निर्माण, हर जगह उठ रहे सवाल*
बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में अर्नव कंस्ट्रक्शन द्वारा नगर के लगभग 30 वार्डों में पुलिया, सड़क, नाली, पेवर ब्लॉक और रिटर्निंग वॉल जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने कई निर्माण कार्यों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाए हैं—संत मेघनाथ वार्ड में 35 लाख की सड़क,संत रविदास वार्ड में 95 लाख की पुलिया,हनुमंती वार्ड में 95 लाख की पुलिया,गुरुदेव वार्ड में 32 लाख का सौंदर्यकरण एवं पेवर ब्लॉक,टेकड़ी वार्ड में पेवर ब्लॉक कार्य ,इन सभी कार्यों में घटिया निर्माण और गुणवत्ता में भारी अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
*गुरुदेव वार्ड-टेकड़ी वार्ड में पेवर ब्लॉक का मामला गरमाया*
शहर के गुरुदेव वार्ड एवं टेकड़ी वार्ड स्थित जयस्तंभ चौक के पास चल रहे सौंदर्यकरण कार्य में भी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां लगभग 32 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे थे, लेकिन वार्डवासियों का आरोप है कि यह ब्लॉक तय मापदंडों के अनुरूप नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि मालवाहक वाहनों के भार से पेवर ब्लॉक दब रहे हैं, किनारे टूटे हुए हैं और लेवलिंग भी सही नहीं की गई।
*इंजीनियर ने की पंचनामा कार्रवाई, घटिया ब्लॉक जब्त*
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के इंजीनियर विवेक बेलिया ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचनामा कार्रवाई कर घटिया पेवर ब्लॉक जब्त किए गए तथा ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया।
इंजीनियर द्वारा निर्देश दिए गए कि—
सभी टूटे-फूटे पेवर ब्लॉक हटाए जाएं
इस्टीमेट के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले ब्लॉक लगाए जाएं
कार्य तय मानकों के अनुरूप किया जाए
*नोटिस का खेल या असली कार्रवाई?*
शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद केवल नोटिस जारी कर मामले को दबाने का काम कर रही है। निर्माण सामग्री की स्वतंत्र लैब जांच नहीं कराई जा रही, जिससे ठेकेदार पर कोई ठोस दबाव नहीं बन रहा।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि 5 करोड़ रुपये की राशि से हो रहे इन निर्माण कार्यों में यदि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह केवल धन की बर्बादी नहीं बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ साबित होगा।
नागरिकों की मांग: निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर हो कार्रवाई
वार्डवासियों ने मांग की है कि नगर के सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद पांढुरना वास्तविक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करती है, या फिर यह मामला भी केवल नोटिस की औपचारिकता तक सीमित रह जाएगा।

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