
पांढुर्णा में जनजाति सुरक्षा मंच की 2 दिवसीय मध्य क्षेत्रीय कार्यशाला संपन्न, 40 जिलों से जुटे 200 से अधिक कार्यकर्ता
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। जनजाति सुरक्षा मंच के मध्य क्षेत्र की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का समापन पांढुर्णा में स्थानीय लक्ष्मी स्मृति भवन में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मध्य क्षेत्र के 40 जिलों से 200 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक विस्तार, जनजातीय समाज की पहचान-संस्कृति की रक्षा तथा आगामी आंदोलनों की रणनीति तैयार करना रहा।

कार्यशाला में जनजाति सुरक्षा मंच ने संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति समुदाय को प्राप्त राजनीतिक, शैक्षणिक एवं नौकरी में आरक्षण की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। मंच ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया कि जनजातीय समाज के कुछ लोग मुस्लिम एवं ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिसे मंच ने संविधान निर्माताओं की मूल भावना के विरुद्ध बताया।
डीलिस्टिंग की मांग को लेकर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर चर्चा
कार्यशाला में वक्ताओं ने बताया कि इस विषय पर पहली बार वर्ष 1967 में डॉ. कार्तिक उरांव ने संसद में डीलिस्टिंग बिल प्रस्तुत किया था, लेकिन उस समय की सरकार द्वारा मतदान नहीं होने देने के कारण वह प्रयास विफल हो गया। इसके बाद वर्ष 2006 से जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन तेज किया गया।

मंच ने बताया कि अब तक 28 लाख हस्ताक्षरों का ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जा चुका है और देशभर के 243 जिलों व 23 प्रांतों में विशाल रैलियों के माध्यम से लाखों जनजातीय समाज ने इस आंदोलन में भागीदारी की है।
“चलो दिल्ली” अभियान पर बनी रणनीति
कार्यशाला में आगामी 24 मई 2026 को आयोजित होने वाली “चलो दिल्ली” रैली को लेकर व्यापक चर्चा हुई। मंच ने दावा किया कि इस रैली में देशभर से लगभग 5 लाख जनजातीय समाज के लोग दिल्ली पहुंचकर अपनी संस्कृति, परंपरा, आस्था और पहचान की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
कार्यशाला में दिल्ली रैली की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भूमिका, जनजागरण अभियान और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई।

कार्यशाला में प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया, जिनमें प्रमुख रूप से—
श्री प्रकाश उईके – केंद्रीय टोली सदस्य, जनजाति सुरक्षा मंच
श्री कालूसिंह मुजाल्दा – क्षेत्र संयोजक (मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़)
श्री महेश कोल – प्रांत संयोजक, महाकौशल
श्री मेहताब बर्ड – प्रांत संयोजक, मध्यभारत के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड़, भाजपा उपाध्यक्ष उज्जवल सिंह चौहान, वरिष्ठ नेता यादोराव डोबले, नपा अध्यक्ष संदीप घाटोड़े सहित अन्य नेता गण भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के समापन पर मंच ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष जनजातीय समाज की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए है और आने वाले समय में इसे और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
