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एक ट्रिलियन डॉलर की रेस में सबसे आगे कौन दो राज्य है?

एक ट्रिलियन डॉलर की रेस में सबसे आगे कौन दो राज्य है? महाराष्ट्र, यूपी, तमिलनाडु, कर्नाटक या गुजरात...

विजय कुमार भारद्वाज/मुंबई

एक ट्रिलियन डॉलर की रेस में सबसे आगे कौन दो राज्य है? महाराष्ट्र, यूपी, तमिलनाडु, कर्नाटक या गुजरात…

 

मुंबई/महाराष्ट्र: देश के पांच राज्यों ने एक लाख करोड़ डॉलर यानी एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने का लक्ष्य रखा है। इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं। लेकिन इनमें से दो राज्य एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की रेस में सबसे आगे हैं। जानिए कौन हैं वे राज्य और कब तक हासिल कर सकते हैं यह टारगेट…

    भारत की इकॉनमी रॉकेट की स्पीड से बढ़ रही है और 2027 तक इसके पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस बीच देश के राज्यों के बीच एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की होड़ मची है। कम से कम पांच राज्यों ने एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं। इकॉनमी के साइज के हिसाब से देखें तो महाराष्ट्र सबसे आगे है। लेकिन ग्रोथ के मामले में कर्नाटक सबसे तेज दौड़ रहा है। सबसे पहले कौन हासिल कर सकता है एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी का लक्ष्य…

 

यूपी, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक या गुजरात… 1 ट्रिलियन डॉलर की रेस में सबसे आगे हैं ये दो राज्य।

  • भारत को लगे थे 60 साल।

 

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भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने में 60 साल का समय लगा था। 1960 में भारत की इकॉनमी 40 अरब डॉलर की थी और 2007 में वह एक ट्रिलियन डॉलर पर पहुंचा। इसके बाद दो ट्रिलियन तक पहुंचने में भारत को सात साल का समय लगा। 2021 में भारत की इकॉनमी तीन ट्रिलियन डॉलर पर पहुंची। 2024 के अंत तक भारत की इकॉनमी के चार ट्रिलियन डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।

गुजरात-कर्नाटक सबसे आगे।

 

एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की होड़ में गुजरात और कर्नाटक सबसे आगे हैं। लेकिन कितनी जल्दी इस लक्ष्य पर पहुंचते हैं, यह तीन बातों पर निर्भर करेगा। राज्य की इकॉनमी का साइज, रफ्तार की दर और एक्सचेंज रेट। यानी जिस राज्य की इकॉनमी अभी 500 अरब डॉलर है, वह 400 अरब डॉलर जीडीपी वाले राज्य की तुलना में बेहतर स्थिति में है। लेकिन अगर दूसरे स्थान पर मौजूद राज्य का ग्रोथ रेट पहले राज्य से बेहतर है तो वह जल्दी एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बन सकता है।

एक्सचेंज रेट।

 

इसके बाद एक्सचेंज रेट भी है। अगर रुपया गिरता तो एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी पर पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा। दूसरी ओर, अगर रुपया मजबूत होता है तो जल्दी इस टारगेट को पाया जा सकता है। 80.3 रुपये प्रति डॉलर के एवरेज एक्सचेंज रेट के मुताबिक महाराष्ट्र की इकॉनमी 439 अरब डॉलर की है और वह देश की सबसे बड़ी इकॉनमी है। तमिलनाडु 294 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। उत्तर प्रदेश 281 अरब डॉलर के साथ तीसरे, कर्नाटक 279 अरब डॉलर के साथ चौथे और गुजरात 277 अरब डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर है।

ग्रोथ में कौन है सबसे आगे।

 

अगर ग्रोथ की बात करें तो कर्नाटक 6.2 फीसदी के साथ इन पांच राज्यों में सबसे आगे है। इसके बाद गुजरात (6.1 परसेंट) का नंबर है। तमिलनाडु में यह 5.3 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 4.7 फीसदी और महाराष्ट्र में 3.8 फीसदी है। हायर ग्रोथ रेट को देखते हुए कर्नाटक और गुजरात के 22 साल में एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। महाराष्ट्र को इस मुकाम तक पहुंचने में 28 साल का समय लग सकता है। अगर महाराष्ट्र की इकॉनमी जोर पकड़ती है तो मामला बदल सकता है।

केवल 19 देश हैं लिस्ट में।

 

दुनिया में केवल 19 देशों की इकॉनमी एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है। इनमें अमेरिका 27 ट्रिलियन डॉलर के साथ पहले और चीन 17.7 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। इस लिस्ट में जर्मनी तीसरे और जापान चौथे नंबर पर है। भारत 3.7 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के साथ इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर है।

यूपी में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय।

 

स्टेट जीडीपी का मतलब राज्य की इकॉनमी का साइज है। लेकिन यह समृद्धि का सही मायनों में इंडिकेटर नहीं है। इसमें प्रति व्यक्ति आय का महत्व है। देश के 10 सबसे बड़े राज्यों में यूपी की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है। इनमें तेलंगाना पहले नंबर पर है। पूरे देश की बात करें तो इसमें गोवा पहले, सिक्किम दूसरे और दिल्ली तीसरे नंबर पर है। बिहार सबसे नीचे है।

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