
पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले में फाइलेरिया उन्मूलन पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ किया गया। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सुंदर नगर (जुगसलाई) में बच्चों को एलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उपायुक्त ने स्वयं भी बच्चों के साथ दवा का सेवन कर आमजन को संदेश दिया।
यह विशेष अभियान 10 से 25 फरवरी 2026 तक जिले के पोटका, पटमदा, जुगसलाई, मुसाबनी, घाटशिला एवं बोड़ाम प्रखंडों में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत लगभग 9 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के प्रथम दिन आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में विशेष बूथ बनाकर दवा वितरण किया गया, जबकि शेष दिनों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लक्षित आबादी को दवा खिलाई जाएगी।
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने फाइलेरिया के कारण, लक्षण एवं बचाव की जानकारी देते हुए जिलेवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य कर्मियों के सामने दवा का सेवन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक झारखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति दवा का सेवन नहीं करेंगे। दवा खाली पेट नहीं लेनी है। कुछ लोगों में हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। दवाएं पूरी तरह सुरक्षित एवं निःशुल्क हैं।
फाइलेरिया, जिसे आमतौर पर हाथी पांव कहा जाता है, मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इससे हाथ, पैर, स्तन एवं हाइड्रोसील में सूजन हो सकती है। इससे बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, साफ-सफाई एवं सामूहिक दवा सेवन आवश्यक है। किसी भी परेशानी की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।
— Anand Kishor
ब्यूरो चीफ, अखंड भारत न्यूज़
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन (AIMA)



