
मेदिनीनगर नगर निगम चुनावः श्रीमती रिंकू सिंह के नामांकन में उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब
मेदिनीनगर: नगर निगम चुनाव 2026 के तहत मेयर पद की प्रत्याशी श्रीमती रिंकू सिंह के नामांकन के अवसर पर मेदिनीनगर में ऐतिहासिक जनसैलाब देखने को मिला। मंगलवार को हुए इस नामांकन को शहर की राजनीति का अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। जनसमर्थन का ऐसा दृश्य देखने को मिला कि नगर निगम क्षेत्र की सड़कें कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ के आगे छोटी पड़ गईं।
नामांकन के दौरान जहां तक नजर जा रही थी, वहां तक सिर्फ और सिर्फ उत्साह, जोश और समर्थन का हुजूम नजर आया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रीमती रिंकू सिंह को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। क्षेत्र की जनता ने अपने घरों से निकलकर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर अपनी लाड़ली प्रत्याशी का स्वागत किया और उन्हें अग्रिम जीत का आशीर्वाद दिया।
नामांकन सह आशीर्वाद यात्रा के दौरान पूरा नगर निगम क्षेत्र “रिंकू सिंह ज़िंदाबाद” और “मेयर रिंकू सिंह” के नारों से गूंजता रहा। समर्थकों के उत्साह और अनुशासन ने पूरे कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। शांतिपूर्ण माहौल में नामांकन की प्रक्रिया संपन्न हुई।
इस अभूतपूर्व जनसमर्थन से अभिभूत होकर श्रीमती रिंकू सिंह ने उपस्थित जनसमूह का कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता का यह स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। यदि जनता का आशीर्वाद मिला, तो वे मेदिनीनगर को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विकासशील नगर बनाने के लिए पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगी।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि नगर निगम को एक जवाबदेह और पारदर्शी संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्रीमती रिंकू सिंह के इस ऐतिहासिक नामांकन के बाद मेदिनीनगर मेयर चुनाव और अधिक रोचक हो गया है। जिस तरह का जनसैलाब उनके समर्थन में उमड़ा है, उसने चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
नगर निगम चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का निर्णय है। ऐसे में जनता की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती का संकेत मानी जा रही है।