

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने महान देशभक्त डा. संपूर्णानंद की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि डा. संपूर्णानंद सही अर्थों में एक सच्चे देशभक्त थे। देश के प्रति उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। संपूर्णानंद का एक जनवरी 1889 को वाराणसी में मुन्शी विजयानंद और आनंदी देवी के घर जन्म हुआ था। आजादी के संघर्ष में असहयोग आंदोलन से सविनय अवज्ञा आन्दोलन तथा भारत छोड़ो आंदोलन तक ये पांच साल जेल में बंद रहे। इन्हें संस्कृत, उर्दू तथा फारसी का अच्छा ज्ञान था। ये एक अच्छे साहित्यकार थे जिन्होंने 45 पुस्तकें लिखी। आजादी के बाद ये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। कालांतर में इनका 10 जनवरी 1969 में निधन हो गया। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, महावीर जे ई, पंकज सिंह, रिचा, रामनरायन सोनकर, रामबाबू , विकास, फूलचंद, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।