

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर हमीरपुर। श्रीगायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा की शुरुआत श्री गायत्री विद्या मंदिर इंटर कालेज से हुई। जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महिलाएं सिर में कलश रख कर शोभायात्रा में आगे बढ़ी। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं, युवा वर्ग और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें माहौल भक्तिमय हो गया। रास्ते भर जगह-जगह यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। वहीं बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियों ने यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया।
कथा स्थल पर पहुंचने के बाद कथा व्यास पंडित दुर्गा प्रसाद द्विवेदी ने विधि-विधान से कलश स्थापना कर पूजन संपन्न कराया। उन्होंने पुराणों में वर्णित कलश स्थापना के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि कलश दिव्य ऊर्जा, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। जल, पंचतत्वों और देव शक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कलश की स्थापना से वातावरण शुद्ध होता है तथा घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में कलश केवल एक पात्र नहीं बल्कि श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र माना गया है। इस मौके पर कथा परीक्षित कैलाश सोनी,रानी देवी,नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे,राजकुमार सोनी सहित बड़ी संख्या लोग मौजूद रहे।
उधर यज्ञवेदी में तीसरे दिन भी गायत्री महामंत्र का जाप जारी रहा। 24 लाख मंत्र जाप के उपरांत के पूर्णाहुति के यज्ञ का समापन होगा। यज्ञवेदी में आचार्य माधवानारायण शास्त्री एवं यज्ञ के ब्रह्मा पंडित बलदेव प्रसाद शास्त्री, सह आचार्य उमादत शुक्ला के निर्देशन में कर्मकांडी ब्राह्मण मंत्र जाप में लगे हुए हैं। साथ ही मेला मैदान में महिलाएं घर गृहस्थी सामान खरीदने के साथ झूला आदि का आनंद ले रहे हैं।
महायज्ञ के आयोजकों ने बताया कि पूरे सप्ताह चलने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन भजन, कथा और यज्ञ की विशेष श्रृंखलाएं आयोजित होंगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।