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विवेक नगर में स्थापित हुई वीणाधारी गणेश जी की अद्भुत प्रतिमा

 

✍️✍️✍️✍️✍️अखंड भारत न्यूज़ जियाउद्दीन अंसारी

**अनूपपुर, विवेक नगर।** गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर अनूपपुर जिले के विवेक नगर कॉलोनी में इस वर्ष भगवान गणेश की अत्यंत मनोहारी और अद्भुत प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें श्री गणेश जी ने वीणा धारण की हुई है। इस अनूठी और कलात्मक प्रतिमा को देखने हेतु नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है।

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गणेश उत्सव समिति ने इस वर्ष जिले में सबसे अलग और सुंदर प्रतिमा स्थापित करने का ज़िम्मा एक विशेष मूर्तिकार को सौंपा था, जिसकी कलाकृति ने सभी का मन मोह लिया है। वीणा के साथ भगवान गणेश की छवि प्रथम बार दिखाई पड़ रही है, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।

पाँचवर्षीय सफल आयोजन
विवेक नगर गणेश उत्सव समिति पिछले पाँच वर्षों से हैरतअंगेज और आकर्षक प्रतिमा स्थापना के लिए प्रसिद्ध रही है। इस बार भी समिति ने परंपरा का निर्वाह करते हुए एक विशिष्ट और भव्य मूर्ति स्थापित की, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। गणेश चतुर्थी के पूरे दस दिनों तक समिति के सदस्य श्रद्धा व समर्पण के साथ सेवा करते हैं और छठे दिन गणेश जी की छठी का उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

विसर्जन यात्रा का विशेष आकर्षण
दसवें दिन गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा के समय काली माँ की झांकी और डीजे के साथ भव्य जुलूस निकाला जाता है। कॉलोनी के सभी घरों से नागरिक भाग लेते हैं, नाचते-गाते, भगवान गणेश को विदाई देते हैं। समिति के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्ट संचालन करते हैं और हर वर्ष आयोजन को सफल बनाते हैं।

समिति एवं मार्गदर्शक
श्री सिद्धिविनायक उत्सव समिति के मार्गदर्शक – पंकज जैन, दमला भैया, सुजीत डहेरिया (गब्बर इज बैक), संजय श्रीवास्तव, लवलेश द्विवेदी, पप्पू गुप्ता, मुकेश चौहान (मुख्य कार्यकर्ता), आकाश तांबे (अध्यक्ष), राहुल केवट (उपाध्यक्ष), सूरज पनिका (कोषाध्यक्ष), प्रकाश भारती, सूरज चंद्रवंशी, लखन सिंह, दीपक पनिका, क्रिश, राहुल सेन, रोहित, ध्रुव, दीपक (दाऊ), सुमित, रोहित केवट, संजू केवट, केशव, अजय, सुजल, किशन, शनि, अंकित, अर्पित, निखिल पासवान, संदीप महतो, पवन महरा व अन्य समस्त समिति सदस्य इस सफल आयोजन में विशेष भूमिका निभाते हैं। इनकी सामूहिक मेहनत और लगन की सराहना आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है।

यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समन्वय और कला के प्रति प्रेम भी दर्शाता है।

 

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