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साधु का मतलब घर त्यागना ही नहीं अपितु साधना करना है –रामजीलाल शास्त्री

 

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649

केदारनाथ धाम पर भागवत कथा में भाव विभोर हुए श्रोता
साधु का मतलब घर त्यागना ही नहीं अपितु साधना करना है। –रामजीलाल शास्त्री

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डीग जिले के कस्वा कामां कामवन धाम में चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग स्थित बाबा केदारनाथ की पावन स्थली झिरी बिलोंद में बाबा केदारनाथ के पावन प्रांगण में जगन्नाथ मंदिर भागवत कमेटी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन दिनांक 14 अगस्त 2025 गुरुवार से परमपूज्य कथा व्यास पण्डित श्री रामजीलाल शास्त्री जी की रसमयी वाणी से किया जा रहा है। तीसरे दिन की कथा में भगवान केदारनाथ के आशीर्वाद से हरप्रसाद नाटाणी को यजमान के रूप में भागवत पूजा व व्यास पूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। व्यास श्री रामजीलाल जी शास्त्री द्वारा कथा के तीसरे दिन की कथा में राजा दक्ष प्रजापति के यज्ञ में माता पार्वती का अपने पति स्वरूप भगवान भोलेनाथ को सम्मान नहीं देने पर यज्ञ में सती होना, ध्रुव चरित्र का वर्णन, पृथु जी की कथा वर्णन, ऋषभ देव जी की कथा, दानवीर राजा बलि की कथा, जड़ भरत चरित्र का वर्णन,अजामिल की कथा का वर्णन, वृत्तासुर की कथा, भगवान प्रहलाद जी के चरित्र का वर्णन आदि के प्रसंग का वर्णन कथा व भजनों के माध्यम से वर्णित किया। साथ ही भागवत कथा के श्रवण से मानव की संपूर्ण परिवार के साथ आगामी सात पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है उन्हें बार बार के इस जीवन चक्र से मुक्ति मिल जाती हैं। भागवत कमेटी के व्यवस्थापक हरी कुम्हेरिया ने बताया कि मुख्य यजमान के रूप में हरप्रसाद नाटाणी द्वारा पूजा अर्चना कर तीसरे दिन की कथा का आरम्भ हुआ कथा के दौरान कथा में भक्ति रस की धारा बह रही है श्रोता भावविभोर होकर नाचने लगते हैं।हम सभी को भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। दिनांक 18 अगस्त को कथा में नन्द उत्सव व गिर्राज पूजा की कथा में नन्द उत्सव व गोवर्धन पूजा धूम धाम से उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। नजदीक के गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा सुनने के लिए पधार रहे हैं।

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