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डायल डायल-112 को लेकर सरगुजा पुलिस की अहम समीक्षा बैठक अंबिकापुर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन में रक्षित केंद्र अंबिकापुर में ‘नेक्स्ट-जेन डायल-112’ की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डायल-112 के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी ने की। बैठक में रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने, सूचना मिलते ही ईआरयू को तत्काल रवाना करने और घटना का त्वरित निराकरण कर निर्धारित फिक्स पॉइंट पर लौटने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल सुरक्षा को प्राथमिकता, आम नागरिकों से शालीन व्यवहार और आपात स्थिति में किसी भी तरह की लेटलतीफी नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में पुलिसकर्मियों एवं चालकों को साइबर सुरक्षा और ‘साइबर जागृति अभियान’ के संबंध में भी जानकारी दी गई। OTP फ्रॉड, लोन ऐप स्कैम, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के तरीके समझाए गए। पुलिस की अपील: किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक डिटेल या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। बेहतर सेवाएं देने वाले डायल-112 अधिकारी-कर्मचारियों एवं चालकों के कार्य की सराहना

 

डायल-112 को लेकर सरगुजा पुलिस की अहम समीक्षा बैठक

अंबिकापुर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन में रक्षित केंद्र अंबिकापुर में ‘नेक्स्ट-जेन डायल-112’ की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डायल-112 के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी ने की।

बैठक में रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने, सूचना मिलते ही ईआरयू को तत्काल रवाना करने और घटना का त्वरित निराकरण कर निर्धारित फिक्स पॉइंट पर लौटने के निर्देश दिए गए।

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महिला एवं बाल सुरक्षा को प्राथमिकता, आम नागरिकों से शालीन व्यवहार और आपात स्थिति में किसी भी तरह की लेटलतीफी नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में पुलिसकर्मियों एवं चालकों को साइबर सुरक्षा और ‘साइबर जागृति अभियान’ के संबंध में भी जानकारी दी गई। OTP फ्रॉड, लोन ऐप स्कैम, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के तरीके समझाए गए।

पुलिस की अपील:
किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक डिटेल या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

बेहतर सेवाएं देने वाले डायल-112 अधिकारी-कर्मचारियों एवं चालकों के कार्य की सराहना करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा भी की गई।

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