
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल के निर्देशन में जिला गंगा समिति, हमीरपुर द्वारा आज दिनांक 18 अगस्त, 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, कुरारा में प्राकृतिक खेती विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके व्यावहारिक पहलुओं तथा पर्यावरण एवं मृदा संरक्षण में इसकी उपयोगिता के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार सिंह, वैज्ञानिक सदस्य डॉ. शालिनी, उद्यान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत कुमार, पशुपालन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. एस.पी.एस. सोमवंशी, जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर, जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे श्री धीरेंद्र सिंह, समन्वयक डॉ. जी.के. द्विवेदी सहित किसान बंधु, महिला किसान एवं कृषि मित्र उपस्थित रहे।

कार्यशाला में कृषि एवं संबंधित विषयों के वैज्ञानिकों द्वारा प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं की किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को मौखिक व्याख्या के साथ-साथ PPT एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से प्राकृतिक खेती की तकनीकों, इसके लाभ तथा अपनाने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न तकनीकों का प्रायोगिक प्रदर्शन कर किसानों को व्यवहारिक रूप से जानकारी प्रदान की गई, जिससे वे प्राकृतिक खेती की पद्धतियों को अपने खेतों में आसानी से अपना सकें।
विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती को मृदा की उर्वरता बनाए रखने, कृषि लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। किसानों से रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करते हुए स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों एवं प्रतिभागियों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था भी की गई। कार्यशाला का संचालन डॉ. जी.के. द्विवेदी द्वारा किया गया।
जिला गंगा समिति द्वारा बताया गया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है, ताकि कृषि के साथ-साथ मृदा, जल एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।

