
जहानाबाद में बिहार राज्य शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शनिवार को सैकड़ों शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के पास प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने 25 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने बताया कि उनकी सेवा पुस्तिका का मेंटेनेंस कई महीनों से लंबित है। इसके कारण वेतन भुगतान सहित अन्य विभागीय लाभों में लगातार बाधा आ रही है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में सेवा पुस्तिका संधारण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। उनका कहना था कि जिन शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर पैसे दिए जाते हैं, उनके कार्य शीघ्र हो जाते हैं, जबकि अन्य शिक्षकों की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं। शिक्षक नेताओं ने 25 सूत्री मांगों का विवरण दिया। इनमें लंबित वेतन भुगतान, वेतन संरक्षण लागू करना, सेवा पुस्तिका का शीघ्र संधारण, प्रोन्नति और अन्य विभागीय लाभों से जुड़ी मांगें प्रमुख हैं।
नेताओं ने यह भी बताया कि इन मांगों को लेकर पहले भी आंदोलन किए गए थे। उस समय सरकार की ओर से आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अगले चरण में प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
शिक्षकों ने मांग की है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। इसका उद्देश्य सेवा पुस्तिका संधारण और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।