A2Z सभी खबर सभी जिले की

मेहनत, हुनर और योजना का साथ: पीएम स्वनिधि से दुलारी बोबडे बनीं आत्मनिर्भर

सफलता_की_कहानी

सफलता_की_कहानी
मेहनत, हुनर और योजना का साथ: पीएम स्वनिधि से दुलारी बोबडे बनीं आत्मनिर्भर

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों तो कठिन परिस्थितियां भी रास्ता दे देती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है पांढुर्णा जिले के संतोषी माता वार्ड की निवासी श्रीमती दुलारी भोजराज बोबडे (37 वर्ष) की, जिन्होंने आर्थिक तंगी के बीच हार न मानते हुए अपने हुनर को पहचान बनाया और आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।


दुलारी जी का परिवार लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। पति मजदूरी कर घर चलाते थे, लेकिन यह आय दो बेटियों सहित परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतें लगातार चुनौती बनती जा रही थीं।
ऐसे समय में दुलारी जी ने परिस्थितियों को दोष देने के बजाय अपने सिलाई-कढ़ाई के कौशल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने तय किया कि अब वे भी परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान देंगी और खुद का छोटा सिलाई कार्य शुरू करेंगी।
हालांकि शुरुआत के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से उन्होंने नगरपालिका परिषद पांढुर्णा से संपर्क किया। यहां उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, जो छोटे स्वरोजगार करने वालों के लिए सहारा साबित हो रही है।
नगरपालिका के मार्गदर्शन एवं सहयोग से भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से उन्हें चरणबद्ध ऋण स्वीकृत हुआ।
पहले चरण में ₹10,000
दूसरे चरण में ₹20,000
तीसरे चरण में ₹50,000
इस आर्थिक सहायता से दुलारी जी ने सिलाई कार्य के लिए आवश्यक सामग्री, मशीन और अन्य संसाधन जुटाए। धीरे-धीरे उनका काम बढ़ने लगा और आसपास के क्षेत्र में उनकी सिलाई का भरोसा भी बनने लगा।
आज दुलारी जी अपने व्यवसाय से प्रति माह लगभग ₹4,000 की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं बेहतर हुई है। अब वे अपनी बेटियों की शिक्षा और जरूरतों को अच्छे ढंग से पूरा कर पा रही हैं।
श्रीमती दुलारी बोबडे का कहना है—
“पीएम स्वनिधि योजना ने मुझे आगे बढ़ने का मौका दिया। यह योजना मेरे लिए उम्मीद की किरण बनी और आज मैं आत्मनिर्भर बन सकी हूं।”
उन्होंने शासन-प्रशासन और नगरपालिका परिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सही मार्गदर्शन और सहायता मिले तो कोई भी व्यक्ति अपने हुनर के बल पर जीवन में बदलाव ला सकता है।
यह सफलता कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएं, मेहनत और आत्मविश्वास मिलकर किसी भी साधारण परिवार को भी नई दिशा दे सकते हैं।

Related Articles
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!