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ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले साइबर ठग को मनावर पुलिस ने किया गिरफ्तार

फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए 2.87 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का एक आरोपी इंदौर से दबोचा, अन्य की तलाश जारी

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में मनावर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में चलाए गए ‘सेफ क्लिक-2.0’ साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन में साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं ठगी की राशि बरामद करने के निर्देश दिए गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय तथा थाना प्रभारी राजेश यादव के मार्गदर्शन में गठित टीम ने गुरुग्राम (हरियाणा), पालघर एवं मुंबई (महाराष्ट्र) सहित विभिन्न स्थानों पर तलाश की।

पुलिस ने जैद पिता जमील खान (22 वर्ष), निवासी श्रीनगर काकंड, थाना एमआईजी, जिला इंदौर को गिरफ्तार किया है। वहीं गिरोह के अन्य आरोपी अनिश शेख एवं उसके साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

*ऐसे हुई थी 2.87 लाख रुपये की ठगी*

पुलिस के अनुसार 24 दिसंबर 2025 को मनावर निवासी अनिल पिता मोहनलाल अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी फेसबुक आईडी पर ‘काव्या परिहार’ नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसके बाद आरोपी ने एक लिंक भेजकर ऑनलाइन खाता खुलवाया तथा अधिक लाभ का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में कुल 2 लाख 87 हजार रुपये की ठगी कर ली।

शिकायत के आधार पर थाना मनावर में अपराध क्रमांक 833/25 के तहत धारा 318(4) एवं 319(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

*इन अधिकारियों का रहा विशेष योगदान*

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव, उप निरीक्षक मनीष चौधरी, आरक्षक जितेन्द्र कुशवाह सहित थाना मनावर की टीम सक्रिय रही। वहीं साइबर सेल धार से उप निरीक्षक प्रशांत गुंजाल, प्रधान आरक्षक 71, आरक्षक शुभम, आरक्षक प्रशांत चौहान एवं उनकी टीम का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर आने वाली अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, निवेश संबंधी लिंक और अधिक मुनाफे के झांसे में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

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