

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद हमीरपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन वैश्विक थीम “Driven to End Malaria: Now We Can, Now We Must” के अनुरूप किया गया, जिसमें अधिकारियों ने मलेरिया मुक्त जनपद बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में मलेरिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने, वेक्टर नियंत्रण उपायों को मजबूत करने तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि गांव-गांव तक अभियान चलाकर लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञों ने बताया कि मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जो प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना और आसपास पानी जमा न होने देना जरूरी है।
इस अवसर पर जनपद में जागरूकता बढ़ाने के लिए रैली भी निकाली गई। रैली मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, आशा कार्यकर्त्रियाँ और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। रैली के दौरान “मलेरिया मुक्त भारत” के नारे लगाए गए और लोगों को साफ-सफाई रखने व जलभराव रोकने के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मलेरिया उन्मूलन की सामूहिक शपथ ली और जनपद को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखें और मलेरिया से बचाव के उपाय अपनाकर इस अभियान में सहयोग करें।