
डिंडौरी जिले में आज “जल गंगा संवर्धन सूर्य उपासना दिवस (विक्रमादित्य महोत्सव)” श्रद्धा, उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल मां नर्मदा की पूजा अर्चना कर सूर्य उपासना दिवस का शुभारंभ किया जिसमें हिन्दु रीति रिवाज के अनुसार ध्वज लहराकर उसकी पूजा अर्चना की। तत्पश्चात अतिथियों ने मां सरस्वती के तैलीय चित्र पर फूलमाला अर्पित कर दीप प्रज्जवलित किया। एकलव्य विद्यालय की बालिकाओं के द्वारा स्वागत गीत के साथ सुंदर लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। उसके पश्चात अतिथियों ने विक्रमादित्य महोत्सव एवं सूर्य उपासना दिवस पर अपने अपने विचार रखे और उसके महत्व पर जोर दिया। इसी दौरान बाहर से आए लोक नाटय कलाकारों ने विक्रमादित्य की कहानी के नाट्य के माध्यम से सभा को प्रेरणा दी गई कि हमें चैत्र मास एवं हिन्दु रीति रिवाजों को अपने जीवन में अनुसरण करें और अपने जीवन को आनंदित करें।
इसी दौरान जनप्रतिनिधियों ने जल गंगा संवर्धन अभियान का 19 मार्च को मां नर्मदा में सफाई कर शुभारंभ किया। जो 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत, विकासखंड स्तर पर चलाया जाएगा। जिसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर नदियों एवं तालाबों की सफाई की। लोगों को जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने और जल की बचत करने का संदेश दिया गया। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन सूर्य उपासना दिवस (विक्रमादित्य महोत्सव)” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखें, वर्षा जल संचयन को अपनाएं और पानी के दुरुपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना हमारा कर्तव्य है। जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने अपने उदबोधन में कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान तभी सार्थक होगा जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिन पर एक पौधा जरूर लगाएं। और शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों में आम जनता की भागीदारी एवं सहयोगी भावना अति महत्वपूर्ण है तभी हमारे देश का विकास होगा। पंकज तेकाम ने अपने उदबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जल संरक्षण अभियान के माध्यम से नदियों की धाराओं को बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रही है। गांव गांव में नदी नाले, कुंआ, बावडी, जलाशय, तालाबों को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कार्य किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन सूर्य उपासना दिवस (विक्रमादित्य महोत्सव)” को जनजागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अभियान बताया। उन्होंने कहा कि खेत का पानी खेत में , गांव का पानी गांव में रोककर जल स्रोतों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हमें अपने दैनिक जीवन में जल का संयमित उपयोग करना चाहिए और वर्षा जल संचयन जैसे उपायों को अपनाना चाहिए।
कलेक्टर ने जिले में चल रहे जल संरक्षण कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा तालाबों के पुनर्जीवन, कुओं की सफाई और नदियों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों ने गीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से “जल ही जीवन है” का संदेश प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति पंकज सिंह तेकाम, सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र राजपूत, वरिष्ट राजेन्द्र पाठक, पार्षद भागीरथ उरैती, जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति महेश धुमकेती, जिला सदस्य श्रीमती हीरा रूद्रेश परस्ते, पार्षद रीतेश जैन, पार्षद श्रीमती रूपाली जैन, पार्षद रजनीश राय, पार्षद श्रीमती स्मिता बर्मन, महेश पाराशर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन से डीएफओ अशोक सोनवानी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सीएमओ अमित तिवारी सहित अन्य समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।