

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर/ललपुरा। थाना ललपुरा क्षेत्र के सहुरापुर गांव से निकली बेतवा नदी में चल रहे अवैध मौरंग खनन ने एक गरीब मजदूर की जान ले ली। शुक्रवार शाम अवैध खनन के दौरान मौरंग का टीला भरभराकर ढह गया, जिसकी चपेट में आकर मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किए गए मजदूर ने देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार सुबह शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार थाना ललपुरा के सहुरापुर गांव निवासी 40 वर्षीय रंजीत निषाद मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। शुक्रवार की शाम गांव के पास बेतवा नदी में अवैध रूप से मौरंग खनन कराया जा रहा था। रंजीत भी मजदूर के रूप में वहां काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक मौरंग का ऊंचा टीला ढह गया और वह उसकी चपेट में आकर दब गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के दौरान रंजीत के गुप्तांग में फावड़ा लगने से उसकी हालत और नाजुक हो गई। आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत चिंताजनक देख डॉक्टरों ने उसे देर रात कानपुर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि शनिवार तड़के करीब दो बजे कानपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शनिवार सुबह जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे तो घर में चीख-पुकार मच गई। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियां और एक पुत्र को बिलखता छोड़ गया है। गांव में शव रखे जाने के बाद भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना के बाद अवैध मौरंग खनन से जुड़े लोग पूरे मामले को दबाने में जुटे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, खबर लिखे जाने तक पुलिस के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
बेतवा नदी में लंबे समय से अवैध मौरंग खनन का खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की चुप्पी अब एक और गरीब की मौत की वजह बन गई। सवाल यह है कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन — खनन माफिया, सिस्टम या खामोश प्रशासन?