A2Z सभी खबर सभी जिले की

मेहनत और लगन की मिसाल बनीं श्रीमती छाया सलामे, स्व सहायता समूह से जुड़कर हासिल की आत्मनिर्भरता

सफलता_की_कहानी

 

मेहनत और लगन की मिसाल बनीं श्रीमती छाया सलामे, स्व सहायता समूह से जुड़कर हासिल की आत्मनिर्भरता

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

Related Articles

पांढुर्णा के ग्राम पैलेपार की निवासी श्रीमती छाया सलामे (उम्र 39 वर्ष) उन महिलाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद साहस, हिम्मत और मेहनत के दम पर अपने जीवन में बदलाव लाने का संकल्प रखती हैं। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने प्रयासों से न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की राह दिखाई।

श्रीमती छाया सलामे की आर्थिक स्थिति पहले ठीक नहीं थी। वर्ष 2021 में उन्होंने एक महिला स्व सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने आठ समूहों का गठन किया और उन समूहों के साथ सक्रिय रूप से कार्य करते हुए सचिव का महत्वपूर्ण पद भी प्राप्त किया।

सचिव के रूप में कार्य करते हुए श्रीमती सलामे ने समूह से जुड़ी महिलाओं को निरंतर प्रोत्साहित किया। समूह के माध्यम से मिलने वाली राशि को वे जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध कराती हैं, ताकि वे स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें। उनकी प्रेरणा से समूह की महिलाएं पशुपालन, सिलाई, अचार, पापड़ और बड़ी बनाने जैसे घरेलू व्यवसाय कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

स्वयं श्रीमती छाया सलामे भी घरेलू व्यवसाय के रूप में मसाले बनाने का कार्य करती हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है। इसके अलावा वे स्व सहायता समूह के माध्यम से स्कूलों में भोजन पहुंचाने का कार्य भी करती हैं। वर्तमान में उनकी वार्षिक आय लगभग 50 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है।

श्रीमती छाया सलामे की यह प्रेरणादायक कहानी यह संदेश देती है कि यदि कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर निरंतर प्रयास करता रहे, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी मेहनत और लगन आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!