

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा (हमीरपुर)।मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई NMMS ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था अब खुद सवालों के घेरे में है। 18 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत करहिया, ब्लॉक मौदहा में अपलोड हुए रिकॉर्ड चौंकाने वाले हैं।
रिकॉर्ड बताते हैं कि एक ही दिन में 13 अलग-अलग मस्टर रोल जारी किए गए। लेकिन हर मस्टर में केवल एक ही फोटो अपलोड है — और हर जगह साफ लिखा है:

“Second Photo is not uploaded!”
जबकि नियम साफ है — सुबह और दोपहर दो समय की जियो-टैग्ड फोटो अनिवार्य।
📌 चौंकाने वाले तथ्य
मस्टर नंबर: 10287, 10288,10307,10308,10311, 10312, 10315, 10316, 10317, 10324, 10325, 10326, 10327
अपलोड समय: 08:28 से 08:34 के बीच
फोटो अपलोड करने वाली: Sushila (Mate)
कई मस्टरों में समान जियो-लोकेशन
दर्ज मजदूरों की संख्या – अलग-अलग, लेकिन फोटो सीमित

सवाल उठता है —
👉 क्या एक ही समय में अलग-अलग मस्टरों के मजदूर अलग-अलग जगह मौजूद थे?
👉 अगर हाँ, तो दूसरी फोटो क्यों गायब है?
👉 क्या नियमों को जानबूझकर दरकिनार किया गया?
🧨 क्या “फोटो से फोटो” का खेल?
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कई जगहों पर मोबाइल से मोबाइल की फोटो लेकर अलग-अलग मस्टर में हाजिरी भर दी जाती है।
यदि ऐसा हुआ है, तो यह केवल तकनीकी लापरवाही नहीं — बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
⚖ प्रशासन की जिम्मेदारी तय कौन करेगा?
NMMS सिस्टम इसलिए लागू किया गया था ताकि फर्जी हाजिरी रुके।
लेकिन यदि उसी सिस्टम में:
दूसरी फोटो नहीं,
समय अंतर संदिग्ध,
जियो-लोकेशन समान,
कई मस्टर एक साथ,
तो जिम्मेदारी किसकी?
👉 ग्राम रोजगार सेवक?
👉 मेट?
👉 तकनीकी सहायक?
👉 या ब्लॉक स्तर की निगरानी?
📣 मांग: उच्च स्तरीय जांच हो
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि:
संबंधित दिन का फिजिकल वेरिफिकेशन रिपोर्ट सार्वजनिक हो
सभी मजदूरों का बयान दर्ज हो
NMMS लॉग डेटा की तकनीकी जांच हो
दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो
🔎 बड़ा सवाल
क्या मनरेगा में पारदर्शिता केवल कागजों और ऐप तक सीमित है?
या फिर तकनीक के नाम पर नया “डिजिटल घोटाला” आकार ले रहा है?
यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह मामला पूरे ब्लॉक ही नहीं, बल्कि जिले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर सकता है।
