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शिक्षा और शोध की अग्रदूत : डॉ. योगिता राठौड़

शिक्षा को बनाया समाज परिवर्तन का माध्यम

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2026 विशेष

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। कहा जाता है कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं बल्कि समाज को नई दिशा देने का सशक्त साधन है। इसी विचार को अपने कार्य और व्यक्तित्व से सार्थक कर रही हैं। नर्मदा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्य, धार जिले की प्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. योगिता राठौड़। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के साथ-साथ शैक्षणिक और सामाजिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही हैं।

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*उच्च शिक्षा और बहुआयामी विशेषज्ञता*

डॉ. योगिता राठौड़ की शैक्षणिक उपलब्धियाँ अत्यंत प्रभावशाली हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य में पी-एच.डी. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से तथा शिक्षाशास्त्र में पी-एच.डी. रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल से प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने एम. एड., बी.एड., एम.ए. (हिंदी साहित्य एवं अर्थशास्त्र) तथा एम.कॉम. (मार्केटिंग मैनेजमेंट) की उपाधियाँ भी प्राप्त की हैं। शिक्षा, भाषा, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे विविध विषयों में उनकी विशेषज्ञता उन्हें एक बहुआयामी शिक्षाविद् के रूप में स्थापित करती है।

*20 वर्षों से अधिक का समृद्ध शिक्षण अनुभव*

डॉ. राठौड़ को शिक्षा क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें 15 वर्ष का स्नातक स्म्र पर अध्यापन और 7 वर्ष का विद्यालयी शिक्षा अनुभव शामिल है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2009 में एनी बेसेंट कॉलेज, इंदौर से सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष के रूप में की, जहाँ उन्होंने आठ वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते हुए कई शैक्षणिक गतिविधियों का सफल संचालन किया।

*नर्मदा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्य*

वर्ष 2017 से वे माँ नर्मदा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, धामनोद (जिला धार) में प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों और नवाचारों को विशेष प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मेलन, कार्यशालाएँ, एफडीपी, वेबिनार, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा अनेक शैक्षणिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है और 20 से अधिक विशेषज्ञ व्याख्यान भी दिए हैं।

*शोध और लेखन में सक्रिय योगदान*

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं तथा अब तक 30 से अधिक शोध-पत्र प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित कराए हैं। इसके साथ ही शिक्षा और समसामयिक विषयों पर उनके 100 से अधिक लेख विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमान में वे मल्ट्रीडिसिप्लिनरी रिसर्च जर्नल्स, नई दिल्ली तथा “रंग- संस्कृति” साप्ताहिक पत्रिका, भोपाल में अतिथि संपादक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे रही हैं।

*पुरस्कार और सम्मान*

शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलपति द्वारा “सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य पुरस्कार” तथा लायंस क्लब एक्टिव धामनोद द्वारा “सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान” सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

आज डॉ. योगिता राठौड़ अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से न केवल विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा दे रही हैं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा भी प्रदान कर रही हैं।

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