
जनपद पंचायत #पांढुर्णा में सामान्य सभा की मासिक बैठक सम्पन्न
विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं प्रगति कार्यों की विस्तृत समीक्षा
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
आज जनपद पंचायत पांढुर्णा में सामान्य प्रशासन समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक समस्त जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में तथा जनपद पंचायत पांढुर्णा की अध्यक्ष श्रीमति लताबाई तुमड़ाम एवं सी.ई.ओ. श्रीमती बंदू सूर्यवंशी की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई। बैठक में उपाध्यक्ष श्री भीमराव वालके एवं सभी जनपद सदस्य उपस्थित थे । बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई।
#शिक्षा_विभाग
शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान में संचालित परीक्षाओं के संबंध में जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने परीक्षा व्यवस्थाओं एवं आवश्यक तैयारियों के विषय में विस्तार से अवगत कराया।
#उद्यानिकी_विभाग
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने वर्ष 2025-26 के दौरान संचालित कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
#कृषि_विभाग
कृषि विभाग द्वारा जानकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष 1298 मि.मी. वर्षा हुई है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। श्रीमती लता बाई तुमड़ाम, अध्यक्ष जनपद पंचायत ने निर्देशित किया कि पिछले वर्ष यूरिया की कमी के कारण जो समस्याएं सामने आई थीं, इस वर्ष उनमें सुधार लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
#जल_संसाधन_विभाग
जल संसाधन विभाग पांढुर्णा द्वारा जानकारी दी गई कि गोरलीखापा, सोनपठारा, लांघा , मरकाठान सहित कुल 26 जलाशयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा शेष जलाशयों का कार्य प्रगति पर है।
#पशु_चिकित्सा_विभाग
विकासखंड में संचालित पशु चिकित्सालयों की जानकारी देते हुए बताया गया कि विभिन्न केंद्रों पर कृत्रिम गर्भाधान का कार्य जारी है। साथ ही बकरी पालन योजना, कड़कनाथ मुर्गा योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना सहित अन्य योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
#विद्युत_विभाग
विद्युत विभाग द्वारा सूर्यधर योजना एवं अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई तथा संबंधित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पीडब्ल्यूडी विभाग, ट्राइबल विभाग, फॉरेस्ट विभाग, पीएचई विभाग एवं प्रधानमंत्री सड़क विभाग के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा आगामी समय में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।