

डिण्डौरी:- मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा, जिला डिण्डौरी द्वारा बताया गया कि, थाना डिण्डौरी जिला डिण्डौरी म.प्र. के अप.क्र. 993/2023 एवं सत्र प्र.क्र. एससी 38/2023 आरोपी अमित कुमार परस्ते पिता गुलजार परस्ते उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम धमनगांव थाना शाहपुर,जिला डिण्डौरी म.प्र.के विरूद्ध धारा 363,342,366,376,376(2)(एन),506 बी एवं लै.अ.ब.सं.अधि. की धारा 3,4,5,6 के अन्तर्गत आरोप है कि आरोपी के द्वारा अभियोक्त्री के साथ बलात्संग व लैंगिक हमला कारित किया व जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास कारित किया। मामले में शिकायत पर थाना डिण्डौरी जिला डिण्डौरी म.प्र. द्वारा आरोपी के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात चालान न्यायालय में पेश किया गया ।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुए कमलेश कुमार सोनी, माननीय विशेष न्यायाधीश ,लै.अ.ब.सं.अधि.जिला डिण्डौरी द्वारा आरोपी अमित कुमार परस्ते पिता गुलजार परस्ते उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम धमनगांव थाना शाहपुर,जिला डिण्डौरी म.प्र. को धारा 363 भादवि में 03 वर्ष का कठोर कारावास 500/- अर्थदण्ड वअर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 01 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास,धारा 366 भादवि में 05 वर्ष का कठोर कारावास 500/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 01 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास, धारा 342 भादवि में 01 वर्ष का कठोर कारावास 500/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 01 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास, लै.अ.ब.सं.अधि. की धारा 5(I)/6 में 20 वर्ष का कठोर कारावास 1000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 02 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास, से दण्डित किया गया।
*-घटना का संक्षिप्त विवरण-*
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, अभियुक्त द्वारा दिनांक 25.10.2023 से 26.10.2023 के मध्य थाना डिण्डौरी अन्तर्गत पुरानी डिण्डौरी स्थित अभियोक्त्री के दादाजी के घर के पास से 18 वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय अभियोक्त्री को उसके विधिपूर्ण संरक्षक की संरक्षकता में से उनकी सम्मति के बिना ले जाकर या बहकाकर के ले जाकर विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण कारित किया,अन्यत्र अपने कमरे में अभियोक्त्री को एक निश्चित परिसीमा से परे जाने से निवारित कर उसका सदोष परिरोध कारित किया, 18 वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय अभियोक्त्री के साथ एक से अधिक बार या बार-बार प्रवेशन लैंगिक हमला करके गुरूतर प्रवेशन लैंगिक हमला कारित किया एवं अभियोक्त्री को संत्रास कारित करने के आशय से जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास कारित किया। अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है। विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।