

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह सही मायने में मातृभूमि के मतवाले थे। आजादी के संघर्ष के लिए धन की आवश्यकता पर काकोरी में ट्रेन में लूटने का दस देशभक्तों ने प्लान बनाया था, और 9 अगस्त 1925 को काकोरी स्टेशन में ट्रेन को लूटने में क्रांतिकारियों को लगभग छः हजार रुपए मिले। बाद में सभी क्रांतिकारी अलग अलग स्थानों से पकड़े गए। 40 क्रांतिकारियों पर मुकदमा चलाकर अंग्रेजों ने कई देशभक्तों को अलग अलग तरह की सजायें दी। इसी क्रम में 19 दिसम्बर 1927 को बिस्मिल, अशफाक और रोशन सिंह को फांसी पर लटका दिया गया। इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनरायन सोनकर, विकास, प्रेम, सागर, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।