

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि लाला लाजपत राय सही मायने में एक महान देशभक्त पुरोधा थे। इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। लाला जी का पंजाब के फिरोजपुर के धुडकी गांव में राधाकृष्ण आजाद एवं ग़ुलाब देवी के घर 28 जनवरी 1865 में जन्म हुआ था। राष्ट्रीय आन्दोलन की तिकड़ी लाल बाल पाल के रूप में बहुत प्रसिद्ध थी। इसी तिकड़ी में लाला लाजपत राय भी थे। आर्य समाज की स्थापना में इनका बड़ा योगदान था। 1928 में भारत में साइमन कमीशन आने पर सारे देश में विरोध हुआ था। इस विरोध प्रदर्शन के अगुवा कारों में लाला प्रमुख थे। इस पर गोरी सत्ता में इन पर लाठीचार्ज हुआ और इस कारण इनकी मृत्यु हो गई थी। देश के युवा देशभक्तों ने लाला जी की मौत का बदला लेने का निश्चय किया। भगत सिंह एवं उसके मित्रों ने सांन्डर्स की हत्या कर लाला लाजपतराय की मौत का बदला ले लिया। वर्णिता ने आज उनके योगदान को याद कर उन्हें भावभीनी श्रृद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, रिचा, भोलू सिंह, दयाराम सोनकर, रामनरायन सोनकर, रामबाबू, विकास, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।