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सीएमएचओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण

 

 

 

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✍️✍️✍️✍️✍️जियाउद्दीन अंसारी अखंड भारत लाइव न्यूज़

उमरिया – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर व्ही एस चंदेल द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरवार्ह एवं बिलासपुर का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान बिलासपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भवन में छत से पानी के लीकेज होने के संबंध में दुरुस्त करने हेतु निर्देशित किया गया। बिलासपुर एवं हरवार्ह में उपस्थित स्टाफ को मौसमी बीमारी डायरिया टायफाइड मलेरिया जैसे बीमारियों से रोकथाम हेतु आवश्यक जांच उपकरण एवं दवाइयां का बफर स्टॉक रखने हेतु निर्देशित किया गया । उन्होंने स्टाफ को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा दी जा रही योजनाओं का संपूर्ण लाभ जनमानस तक पहुंचे एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का संपूर्ण लाभ दिया जा सके गर्भवती माताएं एवं शिशु हेतु शत प्रतिशत टीकाकरण एवं पंजीयन की जाने हेतु निर्देशित किया गया
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जन सामान्य को सलाह दी गई है कि वे वर्षा ऋतु में विशेष सतर्कता बरतें। खेतों में कार्य करते समय जूते-मोज़े पहनें, गहरे रंग के कपड़े पहनें और हाथों में दस्ताने लगाएं। झाड़ियों, पुआल के ढेर, लकड़ी के गट्ठर आदि स्थानों में काम करने से पहले वहां डंडे या लाठी से हल्का प्रहार करें। अंधेरे में टॉर्च का उपयोग करें और बच्चों को बिना देखरेख खुले स्थानों पर न भेजें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियाँ काटें और कूड़ा-कचरा हटाएं। घरों की दीवारों में मौजूद दरारें बंद करें और खुले में सोने से परहेज़ करें। यदि किसी को सर्प ने डस लिया हो तो घबराएं नहीं, शरीर को शांत रखें और तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुँचें। घाव को चाकू से काटना, चूसना या उस पर कोई रसायन लगाना अत्यंत हानिकारक है। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या तांत्रिक क्रियाओं में समय न गंवाएं। यह समय जीवन रक्षक हो सकता है, इसलिए हर क्षण अमूल्य है।
सर्पदंश ग्रसित व्यक्ति को यथाशीघ्र अस्पताल ले जाएं। यदि संभव हो तो सांप का रंग, लंबाई या कोई चित्र याद रखें लेकिन उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे और खतरा हो सकता है। कई बार सांप विषैला नहीं भी होता, पर उपचार में देर जानलेवा साबित हो सकती है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सर्प-दंश से संबंधित इस आपदा को गंभीरता से लें। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध तभी प्रभावी होंगे जब नागरिक स्वयं भी सावधानी बरतेंगे, समय पर उपचार लेंगे और जागरूकता फैलाने में सहयोग करेंगे। संयुक्त प्रयासों से ही सर्पदंश से होने वाली जनहानि को नियंत्रित किया जा सकता है।

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