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जमीनी विवाद को लेकर हत्या से उपजा तनाव, पांच के खिलाफ केस दर्ज

जमीनी विवाद को लेकर हत्या से उपजा तनाव, पांच के खिलाफ केस दर्ज

डीएम व एसपी को जमीयत उलमा के पदाधिकारियों ने सौंपा मांग पत्र, एडीजी व आईजी जोन ने मातहतों को दिया अल्टीमेटम

डीएम व एसपी को मांग पत्र सौपते जमीयत उलमा के पदाधिकारी

आक्रोशित लोगों को समझाते बुझाते जिले के डीएम व एसपी
हत्या को लेकर घटनास्थल पर जमा आक्रोशित भीड़

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लालगंज, प्रतापगढ़। जेठवारा थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर मौलाना की हत्या को लेकर शनिवार को तनाव का माहौल बन गया। तनाव की जानकारी मिलते ही जिले के डीएम संजीव रंजन तथा एसपी सतपाल अंतिल भारी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गये। वही एडीजी प्रयागराज भानु भास्कर तथा आईजी प्रेमकुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जेठवारा पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अल्टीमेटम दिया है।

जेठवारा थाना क्षेत्र के सोनपुर निवासी मो. फारूक 75 नगर के कादीपुर में एक मदरसे में मौलाना थे। वह जेठवारा थाना के सोनपुर के मूल निवासी थे। गांव के आरोपी चंद्रमणि तिवारी से जमीन को लेकर इधर कुछ दिनों से मौलाना का उनसे विवाद चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक मृतक ने आरोपी चंद्रमणि से एक बीघे जमीन के बैनामे का सौदा किया। इसमें से दस बिस्वा मौलाना ने बैनामा करा भी लिया था। शेष दस बिस्वे को बाद में बैनामे की रजामंदी हुई थी।

एक बीघे जमीन पर मौलाना खेतीबारी भी करने लगे। इस बीच चन्द्रमणि ने इसी जमीन का दस बिस्वा किसी और को बेंच दिया। इसी बात को लेकर मौलाना आरोपी पक्ष से अपना पैसा मांगने लगे। मृतक के पुत्र मो. असद ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि शुक्रवार की रात आरोपी चंद्रमणि ने उसके पिता को फोन पर शनिवार को अपना पैसा लेने के लिए घर बुलवाया।

शनिवार की सुबह मौलाना फारूक करीब सवा सात बजे चंद्रमणि के घर पहुंच गये। यहां लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पहले से एकराय होकर चंद्रमणि तिवारी पुत्र शिवलखन तिवारी तथा सागर तिवारी व वैभव तिवारी पुत्रगण चंद्रमणि एवं सीमा तिवारी पत्नी चंद्रमणि ने लोहे के राड, फावडे व कुल्हाडी तथा सब्बल आदि से मौलाना पर जानलेवा हमला कर दिया।

मौलाना को चोट अधिक लगने से मौके पर ही मौत हो गयी। तहरीर में गांव के लालता प्रसाद के पुत्र देवी प्रसाद पर भी आरोपियों को ललकारते हुए मौलाना पर हमला कराने की बात कही गयी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी चंद्रमणि समेत पांच के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। इधर मौलाना की हत्या की बात गांव से इलाके भर में फैल गयी।

हजारों की संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गये। सूत्रों के मुताबिक आक्रोशित भीड़ ने पत्थरबाजी कर आरोपी के घर खडी एक कार को क्षतिग्रस्त भी कर दिया। बडी संख्या में मौजूद पुलिस फोर्स ने स्थिति को फिलहाल मिनटों में ही नियंत्रित कर लिया। आक्रोशित भीड़ मौलाना के हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ घर पर बुल्डोजर चलाने की प्रशासन से मांग करती रही। इधर डीएम संजीव रंजन तथा एसपी सतपाल अंतिल भी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। डीएम व एसपी ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया।

करीब चार घंटे बाद घटनास्थल पर गम व गुस्से के माहौल के बीच मौलाना का शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजवाया। मृतक मौलाना फारूक प्रादेशिक जमीयत उलमा के महासचिव भी थे। जमीयत उलमा के पदाधिकारियों ने डीएम को एक मांग पत्र सौंपा है। मांग पत्र में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा परिवार के लोगों की सुरक्षा के लिए दो शस्त्र लाइसेंस एवं आर्थिक सहायता तथा पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग उठाई गयी है। प्रशासन ने मांगों पर समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

मौलाना हत्याकाण्ड को लेकर प्रतापगढ़ में तनाव का माहौल देखते हुए अगल बगल के जिलों में भी प्रशासनिक व्यवस्था अलर्ट दिखी। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया है कि हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गयी है। वहीं जिला मुख्यालय पर पीएम के लिए मृतक फारूक का शव पहुंचा तो शहर व आसपास से भी गमजदा लोगों की वहां भीड़ नजर आयी। शाम पीएम के बाद मौलाना का शव परिजन लेकर घर पहुंचे। घर में पूरे दिन कोहराम का माहौल बना दिखा।

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