
जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, कलेक्टर ने की जन अभियान परिषद के कार्यों की सराहना
जल संरक्षण, नशा मुक्ति एवं पर्यावरण जागरूकता पर दिया गया जोर, विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
म.प्र. जन अभियान परिषद विकासखंड सौसर, जिला पांढुर्णा के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आज शासकीय महाविद्यालय सौसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा मां सरस्वती की स्तुति कर शुभारंभ किया गया तथा जन अभियान परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों—नशा मुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण—की सराहनीय प्रशंसा की गई।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि “जल ही जीवन है” केवल एक उक्ति नहीं, बल्कि सृष्टि के अस्तित्व का शाश्वत आधार है। उन्होंने बताया कि नीले ग्रह के रूप में विख्यात हमारी पृथ्वी आज एक संवेदनशील दौर से गुजर रही है, जहां उसकी नीलिमा पर संकट के गहरे बादल छा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान अब मात्र एक औपचारिक अभियान नहीं रहा, बल्कि यह आत्ममंथन, चेतावनी एवं सामूहिक संकल्प का प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने वर्तमान जल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नदियां करुण स्वर में सिसक रही हैं, झीलें अपने अस्तित्व के अंतिम क्षण गिन रही हैं और भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। जिस सभ्यता का विकास जल के सानिध्य में हुआ, वही आज जल संकट की विभीषिका से जूझ रही है। यह स्थिति केवल प्राकृतिक असंतुलन का परिणाम नहीं, बल्कि अनियंत्रित विकास, उपभोगवादी मानसिकता एवं पर्यावरण के प्रति हमारी निरंतर उपेक्षा का प्रतिफल है। इसलिए जल का संरक्षण मानव जीवन के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री श्री नाना भाऊ मोहोड द्वारा नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नेतृत्व विकास के गुणों को साझा किया गया।
विकासखंड समन्वयक श्री अनिल बोबडे ने बताया कि पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न गुणों को सीखते हैं तथा फील्ड के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। साथ ही, विभिन्न अभियानों में सहभागिता करते हुए शासन की गतिविधियों को संचालित कर जनकल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री इंद्रपाल राउत, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर अंबेडकर , नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि श्री मोरेश्वर मर्सकोले, श्री गोपाल कोठे, परामर्शदाता श्री दिनेश सोमकुंवर, श्री सुनील डोंगरे, श्रीमती शारदा निकम सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, समस्त कर्मचारी एवं वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंत में परिषद के छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।