

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। सीएम स्वरोजगार योजना में आवेदन करने व बैंक से ऋण दिलाने के नाम पर गरीबों से की जाने वाली अवैध वसूली के मामले में जिलाधिकारी घनश्याम मीना द्वारा शासन को भेजी गई चार्जशीट के बाद दोषी पाए गए जिला उद्योग केंद्र के सहायक उपायुक्त रवि वर्मा व सहायक प्रबंधक संतोष प्रकाश राव को निलंबित कर दिया गया है। शासन स्तर से की गई इस कार्रवाई से विभागीय लोगों में खलबली मची हुई है।
उद्योग विभाग में सीएम स्वरोजगार योजना में आवेदन करने व बैंक से ऋण देने के नाम पर गरीबों से जमकर धन उगाही की जाती थी। इस मामले की शिकायत आवेदकों ने जिलाधिकारी घनश्याम मीना से की थी। इस पर जिलाधिकारी ने सीडीओ अरुण कुमार सिंह और तत्कालीन एडीएम वित्त एवं राजस्व विजयशंकर तिवारी की दो सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले की जांच कराई थी।
जांच में विभाग में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मियों के द्वारा आवेदको से ऋण दिलाने के नाम पर उगाही करने का मामला सामने आया था। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने प्रभारी उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र रवि वर्मा से बीते 25 दिसंबर को कार्यभार लेकर एसडीएम न्यायिक राठ अभिषेक कुमार को सौंप दिया था।
इसके बाद मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी घनश्याम मीना के द्वारा शासन को भेज दी गई थी, जिसको संज्ञान में लेकर सोमवार को शासन ने उद्योग केंद्र के सहायक उपायुक्त रवि वर्मा व जांच में दोषी पाए गए सहायक प्रबंधक संतोष प्रकाश राव को निलंबित कर दिया है। सीडीओ अरुण सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए गए सहायक उपायुक्त उद्योग केंद्र रवि वर्मा व सहायक प्रबंधक संतोष प्रकाश राव को शासन स्तर से निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में की गई जांच के बाद जिलाधिकारी द्वारा भेजी गई चार्जशीट के आधार पर शासन ने यह कार्रवाई की है।
वसूली के आरोप में आउटसोर्स जिला प्रबंधक भी हो चुके हैं बर्खास्त
उद्योग विभाग में संचालित योजनाओं में की जाने वाली वसूली के आरोप में बीते 27 दिसंबर को विभाग में आउटसोर्सिंग पर तैनात जिला प्रबंधक मिलन कुमार को भी जांच के बाद बर्खास्त किया गया था। वहीं अब सहायक उपायुक्त व सहायक प्रबंधक के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई से विभाग में खलबली मची हुई है।