

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर। जनपद का इंगोहटा रेलवे स्टेशन वर्तमान में भी उपेक्षा का शिकार है। आधुनिक युग में जहां रेलवे स्टेशनों को ‘स्मार्ट’ बनाया जा रहा है, वहीं इंगोहटा स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक अदद छत तक नसीब नहीं है। भीषण ठंड में यात्री खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार करने को विवश हैं।
इंगोहटा स्टेशन का दुर्भाग्य है कि यहां न तो स्टेशन भवन है और न ही यात्रियों के बैठने के लिए प्लेटफॉर्म में बेंचे है। गर्मी में चिलचिलाती धूप,बरसात में मूसलाधार बारिश और वर्तमान की शीतलहर में यात्रियों को सिर छुपाने की कोई जगह नहीं है। स्टेशन पर विद्युत प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे रात के समय यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। पेयजल की व्यवस्था न होने पर यात्रियों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है या प्यासा रहना पड़ता है। क्षेत्र के जागरूक नागरिक अरविंद त्रिपाठी, ज्ञानेश दीक्षित,मोहनलाल साहू ने बताया कि अन्य स्टेशनों पर जहां पक्के भवन, टिकट काउंटर और प्रतीक्षालय की सुविधा है। वहीं इंगोहटा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रदीप मिश्रा और राघवेंद्र सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि टिकट लेने से लेकर ट्रेन आने तक का समय किसी सजा से कम नहीं होता। मूलभूत सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। लोगों ने रेल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।