
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न, स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता पर विशेष जोर कलेक्टर श्री वशिष्ठ के सख्त निर्देशः एएनसी पंजीयन, वैक्सीनेशन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर फोकस
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
आज दिनांक 28 मार्च 2026 को कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, एसडीएम सौसर श्री सिद्धार्थ पटेल, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती बंदु सूर्यवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दवंडे, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने एएनसी (ANC) पंजीयन को 100 प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही 1 अप्रैल 2026 से पीआईएच (PIH) मैनेजमेंट को 100 प्रतिशत प्रभावी रूप से लागू करने पर भी चर्चा की गई एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा जिले के सभी डिलीवरी प्वाइंट को सक्रिय रखने के आदेश दिए गए। लोधीखेड़ा प्रसव केंद्र की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारी (एम.ओ.) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि एनआरसी में भर्ती होने वाले बच्चों एवं उनके पालकों की काउंसलिंग कर उसकी वीडियोग्राफी कर संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरिक्त एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए अप्रैल माह में 40 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनआरसी में भर्ती के लिए सीएचओ एवं एएनएम को रेफरल पर्ची अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
