
आशा कार्यकर्ता घर-घर सम्पर्क कर गर्भवती माताओं का करायें पंजीयन- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल
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टेलीमेडिसिन को बनायें लोकप्रिय
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स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलव्ध सुविधाओं का लाभ आमजन को मिले
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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायेगी राज्य सरकार
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चिकित्सक को समाज भगवान के रूप में देखती है, चिकित्सक भी उसी अनुरूप जनसेवा में जुटें
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राहुल सेन मांडव मो 9669141814
भोपाल न्यूज/- उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ़ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल कलेक्टर कार्यालय के रीवा विराट सभागार में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जैतपुर श्री जयसिंह मरावी, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री राम जी श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विवेक पाण्डेय सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आवश्यक है कि गर्भवती माताओं का पंजीयन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ता एवं मोबिलाईजर की इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका है। आशा कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर गर्भवती माताओं का पंजीयन कराएं। गर्भवती माताओं के मदर चाईल्ड सुरक्षा कार्ड भी जारी किए जाएं। पंजीकृत गर्भवती माताओं की सभी 4 जांच अनिवार्य रूप से की जाएं। हाई रिस्क माताओं की पहचान कर प्रत्येक महीने की 9 एवं 25 तारीख को विशेषज्ञ चिकित्सों को भेजकर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए मेडिकल कालेज, जिला चकित्सालय, एवं आवश्यकता पड़ने पर अशासकीय चिकित्सकों की भी मदद ली जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि टेलीमेडिसिन सेवा का भरपूर उपयोग किया जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों से मेडिकल कॉलेज एवं जिला चिकत्सालयों के चिकित्सों से सेवाएं ली जाए।
जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी इसका प्रचार प्रसार कर लोगों को जानकारी दी जाए। आपने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से भ्रमण करें तथा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में जो कमियां पाई जाती हैं उन्हें दूर करने का प्रयास करें। श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में जो सुविधाएं उपलब्ध हैं उनका लाभ आम जनमानस को मिले। शासन द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की पूर्ति के लिए नियमों का सरलीकरण किया गया है। भर्ती संबंधी प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी कर ली जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि समाज में चिकित्सकों को भगवान का दर्जा प्राप्त है, इसलिए मरीजों के प्रति उनका व्यवहार भी संवेदनशीलता एवं सेवा भाव से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर एवं स्टाफ समय का पालन करते हुए मरीजों को समर्पित भाव से उपचार प्रदान करें। इमरजेंसी कक्ष में निर्धारित ड्यूटी के अनुसार डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की सतत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग मे चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई तथा निर्माण एजेन्सी को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर समीक्षा करें तथा समस्याओं का निराकरण कराएं। आपने ओपीडी बढ़ाने तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में सीएमएचओं द्वारा बताया गया की सिकल सेल की स्क्रीनिंग सीएचओ के माध्यम से की जाती है। जिले में सिकल सेल के 1809 पॉजिटिव मरीज एवं 9566 कैरियर पाए गए हैं। पॉजिटिव मरीजों को हाईड्राक्सिस यूरिया एवं आवश्यकता बढ़ने पर ब्लड डोनेशन किया जाता है। बैठक में प्रभारी मंत्री ने समस्त बीएमओ ंको निर्देश दिए कि वे अधीनस्थ चिकित्सा संस्थाओं का निरीक्षण करें तथा पाई गई कमियों को दूर करते हुए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करेंें । श्री शुक्ल ने जिला चिकित्सालय में ब्लड ट्रियल बैग की कमी को गंभीरता से लेते हुए एनएचएम के संचालक को मोबाईल के माध्यम से मौके पर ही उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में जो आवश्यकताएं हैं। उनकी पूर्ति तत्परता पूर्वक की जाए।