

बल्लभाचार्य संप्रदाय के हजारों वैष्णवों की ब्रजयात्रा कामवन पहुंची
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां ( डीग ) 9783029649
कामां – बल्लभाचार्य संप्रदाय के हजारों वैष्णवों की पदयात्रा ने भरूच सूरत के गोस्वामी द्वारकेश
लाल जी महाराज के साथ अंकलेश्वर हवेली में विराजमान गोवर्धनधर प्रभु क़े साथ कामवन में प्रवेश किया l य़ात्रा का पडाव छिछरबाडी रोड पर है जहां प्रतिदिन रास व दर्शनों हेतु पंडाल लगाये गये हैँ तथा रहने को पालों की व्यवस्था है। कामवन क़े मुख्य मन्दिर मन्दिर विमल बिहारी क़े सेवाअधिकारी संजय लवानिया ने जानकारी दी कि ब्रज 84 कोस की यह पदयात्रा 23 सितम्बर से विश्राम घाट से नियम लेकर शुरू हुई पदयात्रा 26 अक्टूबर को पूर्ण होगी जिसमें हजारों वैष्णवों के साथ मथुरा के चौवे गाइड के रुप में साथ चल रहे हैं ज़िनके बताये अनुसार श्रद्धालु कामवन स्थित श्रीकृष्ण की क्रीडास्थलियों के दर्शन,आचमन व माहात्म्य का रसपान कर आनन्दित हो रहे हैँ lकामवन में पांच दिन प्रवास करेगी जिसमें अनेकों धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक कामवन में प्रवास करेगी। मन्दिर गोकुल चन्द्रमा जी में 8 अक्टूबर को विशाल छप्पन भोग का आयोजन होगा l
मान्यता है कि कामवन की यात्रा तीर्थराज विमलकुण्ड में स्नान ,आचमन ,पूजा व विमल बिहारी की आज्ञा लेकर शुरू होती है। राजा विमल क़े आशीर्वाद से ही कामवन यात्रा पूर्ण होती है।
प्रथम दिवस-विमलकुंड स्नान,मुख्य मन्दिर विमल बिहारी ,सिद्धबाबा ,गोकुल चन्द्रमाजी ,मदनमोहन मन्दिर ,वृंदादेवी ,चित्रगुप्त ,कामेश्वर महादेव ,धर्मकुंड ,पांच पांडव आदि दर्शन
द्वितीय दिवस -सेतुबंध रामेश्वर ,लंका ,ज़सोदा ,अशोक वाटिका ,लुकलुक कुंड ,चरणपहाडी ,मंसादेवी ,गोपीनाथ ,चौरासी खंभा आदि
तृतीय दिवस -श्रीकुंड ,महाप्रभु जी की बैठक ,खिसलनी शिला ,भामासुर की गुफा ,दाऊजी के चरण ,भोजनथाली आदि दर्शन। विशाल छप्पन भोग आयोजन मन्दिर गोकुल चन्द्रमा जी
84 कोस पदयात्रा 10 अक्टूबर को यहां से कदमखण्डी सुन्हेरा होते हुए बरसाना को प्रस्थान करेगी l
