
बिजौलिया (भीलवाड़ा), राजस्थान:=
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद क्रूर घटना सामने आई है। यहाँ एक माँ ने ही अपने 15 से 19 दिन के नवजात बच्चे को जंगल में पत्थरों के नीचे दबाकर फेंक दिया।
क्रूरता की हदें पार:
बच्चे को मारने के लिए हैवानियत की हद पार कर दी गई थी ताकि उसकी आवाज किसी तक न पहुंचे। नवजात के मुँह में पत्थर ठूँस दिया गया था और उसके होंठ फेवीक्विक (गोंद) से चिपका दिए गए थे। इसके अलावा, बच्चे को पत्थरों के नीचे दबा दिया गया ताकि वह हिल-डुल न सके। ऐसा माना जा रहा है कि यह सब इसलिए किया गया ताकि बच्चा रो न पाए और किसी को उसके बारे में पता न चले।
कैसे बची जान:
यह नवजात शिशु बिजौलिया थाना क्षेत्र के सीताकुंड जंगल के पास मिला। वहाँ मवेशी चराने आए कुछ चरवाहों या लड़कों ने पत्थरों के बीच से बच्चे के रोने की हल्की आवाज़ सुनी या पत्थरों के जमावड़े को संदिग्ध पाया। उन्होंने तुरंत पत्थरों को हटाया और बच्चे को बाहर निकाला। नवजात के मुँह से पत्थर निकालने और होंठों से गोंद हटाने के बाद बच्चे ने ज़ोर-ज़ोर से रोना शुरू कर दिया।
अस्पताल में इलाज:
बच्चे को तुरंत बिजौलिया अस्पताल ले जाया गया। वहाँ हालत गंभीर होने पर उसे भीलवाड़ा के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा अभी एनआईसीयू (NICU) में है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पत्थरों के नीचे पड़े रहने और तेज़ धूप के कारण पत्थरों के गर्म होने से बच्चे के शरीर का बायाँ हिस्सा झुलस गया है।
माँ ने क्यों किया यह क्रूर काम:
पुलिस जाँच में पता चला है कि यह बच्चा अवैध संबंधों के बाद पैदा हुआ था। खबरों के अनुसार, माँ ने बच्चे को जन्म देने के बाद उसे बेचने की भी कोशिश की थी, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाई। इसके बाद उसने बच्चे को जंगल में फेंकने का यह क्रूर कदम उठाया। यह भी बताया गया है कि वह डिलीवरी से एक दिन पहले मंदिर गई थी।
पुलिस ने इस अमानवीय घटना के लिए अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जाँच जारी है।
