

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। गोवंश संरक्षण और संवर्धन एवं गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर सोमवार को ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गोभक्तों, संत समाज एवं क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा और एक स्वतंत्र मंत्रालय बनाने की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई है कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार माने जाने वाले गोवंश की स्थिति वर्तमान में अत्यंत चिंताजनक है। गो-तस्करी, अवैध बूचड़खानों में वध, सड़कों पर दुर्घटनाएं तथा पॉलिथीन खाने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में गोवंश की मौत हो रही है। इससे देशी नस्लों का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है।
ज्ञापन में बताया कि एक समय प्रति व्यक्ति गोवंश की संख्या अधिक थी, लेकिन अब इसमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कृषि व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश में गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु और अधिक कठोर एवं प्रभावी कानून लागू करने, केंद्र सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर गोसंरक्षण कानून बनाने की संस्तुति भेजने तथा गोपालन के लिए पृथक मंत्रालय के गठन की मांग की गई है। इसके अलावा प्रत्येक तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर सुदृढ़ एवं व्यवस्थित गोशालाओं की स्थापना, वर्तमान गोशालाओं को पर्याप्त बजट व पारदर्शी संचालन व्यवस्था देने, गो-तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई।
इसके साथ ही पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने तथा गोसंरक्षण के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
प्रार्थना पत्र के माध्यम से राज्यपाल से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई है, ताकि गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जा सके।