
स्वदेशी मेले का भव्य समापन: आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ गूंजा ‘लोकल अपनाओ’ का संदेश
नुक्कड़ नाटक से जागी स्वदेशी चेतना, अतिथियों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का किया आह्वान
पांढुर्णा – स्वदेशी_जागरण_मंच पांढुर्णा के तत्वावधान में आयोजित ‘स्वदेशी मेले’ का आज भव्य और गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का सशक्त संदेश दिया गया।
समापन समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर माँ भारती, स्वदेशी विचारधारा के प्रणेता दत्तोपंत ठेंगड़ी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के छायाचित्रों का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैट के प्रदेश महामंत्री श्री राजीव खंडेलवाल उपस्थित रहे। उनके साथ स्वदेशी आंदोलन से जुड़े अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मेला मार्गदर्शक श्री हेमंत कस्तूरे, सह संयोजक एवं कैट सौसर तहसील अध्यक्ष श्री संजय राठी, संगठन मंत्री श्री आकाश, नगर संयोजक गणेश कोल्हे, तहसील संयोजक श्री भूषण सरोदे, वरिष्ठ समाजसेवी श्री कृष्ण कुमार डोबले, नगर संपर्क प्रमुख श्री हेमंत भंडारकर, युवा आयाम प्रमुख श्री अमोल धारपुरे एवं श्री सूरज मल्होत्रा सहित मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राम शांति विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत प्रेरक नुक्कड़ नाटक रहा। इस नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का प्रभावी संदेश दिया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों की गूंज से उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह का संचालन स्वदेशी जागरण मंच पांढुर्णा की जिला महिला कार्य प्रमुख श्रीमती वर्षा हेमंत भंडारकर ने कुशलता के साथ किया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल एक विचार नहीं, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती का आधार है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, छोटे व्यापारियों को समर्थन देने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए समाज के हर वर्ग से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, नगरवासियों, पुलिस प्रशासन एवं विशेष रूप से स्वच्छताकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस स्वदेशी मेले ने न केवल स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान किया, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास भी किया।